सपना चौधरी केस में जज के अवकाश पर होने से टली सुनवाई, अब 17 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

लव इंडिया, मुरादाबाद। हरियाणवी डांसर सपना चौधरी से जुड़े कथित अश्लील डांस, कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्था और अन्य आरोपों को लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुरादाबाद की अदालत में चल रहे मामले में गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी। संबंधित न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई स्थगित कर दी गई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।

मामला वर्ष 2019 में मुरादाबाद के रेलवे स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के अनुसार 11 जून 2019 को हरियाणवी डांसर सपना चौधरी कार्यक्रम में पहुंची थीं। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान कथित अश्लील डांस के बाद भीड़ में उत्तेजना की स्थिति पैदा हुई और पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। शिकायत में लाठीचार्ज के दौरान कई दर्शकों के घायल होने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ता की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि कार्यक्रम में निर्धारित समय के बाद भी देर रात तक डीजे बजाया गया और इससे शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई तथा जाम की स्थिति पैदा हुई। इसके अलावा सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।

पुलिस को दिए थे प्रार्थना पत्र

डॉ. रामेश्वर दयाल तुरैहा

गायत्री नगर निवासी एवं निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. रामेश्वर दयाल तुरैहा ने इन आरोपों को लेकर थाना सिविल लाइन और तत्कालीन एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। उनका कहना है कि शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता वैभव अग्रवाल के माध्यम से अदालत का रुख किया।

इसके बाद मामला मुरादाबाद की अदालत में पहुंचा और इसकी सुनवाई एसीजेएम कोर्ट संख्या-2 में चल रही है।

पिछली सुनवाई में मांगी गई थी विस्तृत आख्या

शिकायतकर्ता के मुताबिक पिछली तारीख पर अदालत ने मामले में पुलिस की कार्रवाई और रिपोर्ट को लेकर नाराजगी व्यक्त की थी। अदालत की ओर से थाना सिविल लाइन से मामले की विस्तृत एवं पूर्ण आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

गुरुवार को मामले की सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। अब मामले की अगली तारीख 17 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का अंतिम पक्ष और अदालत का निर्णय अभी सामने आना बाकी है। मामले की अगली सुनवाई में पुलिस की आख्या और शिकायत से जुड़े अन्य बिंदुओं पर आगे की कार्रवाई होने की उम्मीद है।

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