मकान की दीवारों से पेंट उखड़ने व रंग फीका पड़ने पर उपभोक्ता आयोग ने एशियन पेंट्स और विक्रेताओं को ठहराया जिम्मेदार
संभल में मकान की दीवारों से पेंट उखड़ने और रंग फीका पड़ने पर उपभोक्ता आयोग का फैसला; पेंट की कीमत, लगाने का खर्च, ब्याज और क्षतिपूर्ति देने का आदेश
संभल। मकान की दीवारों पर लगाए गए एशियन पेंट्स के खराब होने की शिकायत से जुड़े मामले में जिला उपभोक्ता आयोग, संभल ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने पेंट निर्माता कंपनी एशियन पेंट्स लिमिटेड तथा संबंधित विक्रेताओं को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार मानते हुए उपभोक्ता को पेंट की कीमत, उसे लगवाने का खर्च, ब्याज और क्षतिपूर्ति की राशि अदा करने का आदेश दिया है।
उपभोक्ता मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय के अनुसार, मोहल्ला फतेहउल्लाह सराय निवासी जाकिर ने अक्टूबर 2024 में अपने मकान की रंगाई के लिए एशियन पेंट्स खरीदा था। यह पेंट हिंदुस्तान पेंट्स और गुप्ता पेंट्स, बरेली सराय, संभल से खरीदा गया था।
कुछ ही दिनों में खराब होने लगा पेंट
शिकायत के मुताबिक, मकान पर कंपनी के निर्देशों के अनुसार पेंट कराया गया। लेकिन कुछ समय बाद ही दीवारों पर रंग फीका पड़ने लगा और पेंट की परत उखड़ने लगी। समस्या सामने आने पर उपभोक्ता ने विक्रेता से शिकायत की।
बताया गया कि विक्रेता की ओर से कंपनी के अधिकारियों से समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया गया। कंपनी के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसके बाद जाकिर ने जिला उपभोक्ता आयोग, संभल में परिवाद दाखिल किया।
कंपनी ने जिम्मेदारी से किया इनकार
मामले की सुनवाई के दौरान एशियन पेंट्स लिमिटेड की ओर से आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा गया। कंपनी की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि उपभोक्ता ने पेंट सीधे कंपनी से नहीं खरीदा था, बल्कि दो विक्रेताओं से खरीदारी की थी, इसलिए कंपनी की जिम्मेदारी नहीं बनती।
वहीं, विक्रेताओं की ओर से यह पक्ष रखा गया कि यदि पेंट में कोई खराबी पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की है। मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय ने खराब हो चुकी दीवारों के फोटोग्राफ भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए।
आयोग ने दिया भुगतान का आदेश

मामले में दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने एशियन पेंट्स लिमिटेड, हिंदुस्तान पेंट्स और गुप्ता पेंट्स, बरेली सराय, संभल को सेवा में कमी और लापरवाही के लिए जिम्मेदार माना।
आयोग ने आदेश दिया कि उपभोक्ता को पेंट की कीमत 1,27,000 रुपये तथा इस राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान किया जाए।
इसके अलावा पेंट लगवाने में खर्च हुई 2,00,000 रुपये की राशि तथा उपभोक्ता को हुई परेशानी और क्षति के लिए 50,000 रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश भी दिया गया है।
इस प्रकार आयोग के आदेश के अनुसार पेंट की कीमत, ब्याज, पेंटिंग खर्च और क्षतिपूर्ति सहित उपभोक्ता को भुगतान करना होगा।
उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला
मामला उपभोक्ता उत्पाद की गुणवत्ता और निर्माता-विक्रेता की जिम्मेदारी से जुड़ा है। आयोग के फैसले से यह संदेश जाता है कि खराब गुणवत्ता वाले उत्पाद की शिकायत होने पर उपभोक्ता संबंधित दस्तावेज, बिल, फोटो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपभोक्ता आयोग का रुख कर सकता है।
