साइबर फ्रॉड मामले में विवादित धनराशि के अतिरिक्त पूरे खाते को बंद करना अवैद्य
लव इंडिया, संभल। फोन पर लेनदेन हो सके इसलिए जियो पेमेंट बैंक में ऑनलाइन खाता खोला तथा रुपए जमा किए लेकिन अचानक खाता बंद कर दिया गया। कारण पूछा तो बताया गया कि उसके खाते में 4 हजार रुपए फर्जी तरीके से ट्रांसफर हुए है खाते में। जमा शेष धनराशि निकलने की कोशिश तो बैंक ने इनकार कर दिया मामला जिला उपभोक्ता आयोग पहुंचा तो आयोग ने बैंक द्वारा पूरे खाते को बंद करने पर आपत्ति की और बैंक को उपभोक्ता के खाते पर लगे लॉक को हटाने तथा रुपए 5 हजार क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दे दिया।

साइबर क्राइम एवं चिकित्सकीय लापरवाही मामलों के अधिवक्ता पारस वार्ष्णेय के अनुसार सरायतरीन के मोहल्ला भालेभाज खां निवासी जीतू पुत्र शिवौतार ने अपनी सुविधा हेतु जियो पेमेंट बैंक में खाता संख्या 003320392075971 खोला जोकि उसके मोबाइल फोन से जुड़ा था। उसके द्वारा समय-समय पर धनराशियां जमा कराई गईं खाते में लगभग 50 हजार रुपए जमा थे बैंक ने 16 जुलाई,2025 को उसका खाता अचानक बंद कर दिया।
उसने कारण पूछा, पत्राचार किया तो बताया गया कि 25 जनवरी 2025 को उसके खाते में रुपए 4 हजार फर्जी तरीके से ट्रांसफर हुए हैं। इसलिए उसके खाते को ब्लॉक कर दिया गया। खाताधारक ने कई बार कहा कि उसके खाते में कभी कोई धनराशि फर्जी तरीके से ट्रांसफर नहीं हुई अगर बैंक के अनुसार ऐसा है तो केवल 4 हजार के आहरण पर रोक लगाई जाए। संपूर्ण खाते पर रोक लगाना अनुचित है लेकिन जियो पेमेंट बैंक के अधिकारियों ने उपभोक्ता की नहीं सुनी।
इस पर उसने अधिवक्ता पारस वार्ष्णेय के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में बाद योजित किया क्षेत्रीय अभिकर्ता ने अपना जवाब दाखिल किया लेकिन बैंक ने कोई जवाब नहीं दिया। जिला आयोग ने माना कि बैंक ने संपूर्ण खाते को ब्लॉक करके उपभोक्ता हितों से खिलवाड़ की है। साथ ही, पेमेंट बैंक को आदेश दिया कि वह उपभोक्ता का ऑन लाइन बैंक खाता स.003320392075971 को अनब्लॉक करें तथा रुपए 5000 क्षतिपूर्ति हेतु उपभोक्ता को अदा करें।
आधुनिक तकनीक के विकसित होने के साथ साथ साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ रहे है लेकिन पर्याप्त साइबर विशेषज्ञों के अभाव में मामले उलझते जा रही है उपभोक्ता को जहां धनहानि हो रही है वहीं मुकदमों का बोझ बढ़ रहा है सरकार पर्याप्त साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति करें। ऐसा मेरा मानना है।
पारस वार्ष्णेय
एडवोकेट
साइबर क्राइम एवं चिकित्सकीय लापरवाही विशेषज्ञ

