मुरादाबाद में जाट महासभा और भाकियू बीआर अंबेडकर का प्रदर्शन, सौंपे ज्ञापन

लव इंडिया, मुरादाबाद। जिला मुख्यालय पर गुरुवार को अलग-अलग संगठनों के विरोध-प्रदर्शन से माहौल गरमाया रहा। अखिल उत्तर प्रदेश जाट महासभा ने समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की जाट समाज को लेकर कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और एसीएस को ज्ञापन सौंपा। वहीं, भारतीय किसान यूनियन बीआर अंबेडकर से जुड़े किसानों ने मेरठ पुलिस के खिलाफ सिविल लाइंस स्थित अंबेडकर पार्क में अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू कर एसडीएम को ज्ञापन दिया।

कथित टिप्पणी के विरोध में जाट महासभा का प्रदर्शन

अखिल उत्तर प्रदेश जाट महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के कथित बयान को लेकर नाराजगी जताई। संगठन का आरोप है कि मोबाइल वीडियो के माध्यम से जाट समाज के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गई, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

महासभा ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि जाट समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और समाज ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। संगठन के अनुसार देश की राजनीति, सेना, खेल और विभिन्न क्षेत्रों में जाट समाज के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा अनेक लोगों ने देश के लिए बलिदान भी दिया है।

पदाधिकारियों ने कहा कि राजनीतिक विचारों में मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी समाज के बारे में अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। महासभा ने सपा प्रदेश अध्यक्ष से कथित टिप्पणी के लिए माफी मांगने की मांग की।

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर पुतला दहन भी किया जाएगा।

प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष भूरे सिंह चौधरी, अजय चौधरी, युवा जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, संरक्षक अनिल पाल सिंह, सूरज सिंह, सुनील सिंह, महेंद्र सिंह, रमेश सिंह, ओमवीर सिंह, युवा जिला अध्यक्ष अनुज हुड्डा, विजेंद्र सिंह, राजवीर सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मेरठ पुलिस के खिलाफ भाकियू बीआर अंबेडकर की भूख हड़ताल

दूसरी ओर, भारतीय किसान यूनियन बीआर अंबेडकर से जुड़े किसानों ने मेरठ में पुलिस कार्रवाई के विरोध में सिविल लाइंस स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क में अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू की।

संगठन ने मंडलायुक्त मुरादाबाद को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपते हुए आरोप लगाया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी के खिलाफ अमरोहा में जिला बदर की कार्रवाई गलत और फर्जी मुकदमों के आधार पर की गई। संगठन ने इस कार्रवाई को वापस लेने की मांग की।

इसके अलावा संगठन ने मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे और इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर दिग्विजय भाटी और संगठन के मेरठ जिलाध्यक्ष मोहित जाटव के साथ कथित बर्बरता और मारपीट के आरोप लगाए। संगठन का दावा है कि मोहित जाटव के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और उन्हें नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।

हालांकि, पुलिस अधिकारियों पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि खबर लिखे जाने तक नहीं हो सकी है। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

ये हैं प्रमुख मांगें

भाकियू बीआर अंबेडकर ने दिग्विजय भाटी की अमरोहा जिला बदर की कार्रवाई वापस लेने, मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे और इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने तथा दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ हुई कथित बर्बरता की जांच कराने की मांग की।

संगठन ने कहा कि जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी।

धरने में जिलाध्यक्ष ज्ञानवीर सिंह पवार, राष्ट्रीय प्रवक्ता गजेंद्र सिंह भाटी, अमरोहा जिलाध्यक्ष इस्लाम अली, सोनू गुर्जर, विकास प्रधान, अकीक कसाना, नदीम चौधरी, मस्ता कुरैशी, विजय सैनी समेत संगठन से जुड़े किसान और पदाधिकारी मौजूद रहे।

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