फ्लाईदुबई हमले के आरोपी की पहचान हम्माम अल-हमामी के रूप में, सीरिया में रहने और कट्टरपंथी विचारों के दावे

फ्लाईदुबई फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी सह-पायलट की पहचान हम्माम अल-हमामी के रूप में हुई है। उसकी पृष्ठभूमि और हमले के मकसद की जांच जारी है।



दुबई/तेल अवीव: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले सह-पायलट की पहचान हम्माम अल-हमामी के रूप में सामने आई है। CNN और अल-अरबिया की रिपोर्टों के अनुसार अल-हमामी ओमान का नागरिक है। उसकी पुरानी गतिविधियों और पृष्ठभूमि को लेकर विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं।


रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अल-हमामी ने ओमान से बाहर काफी समय बिताया था और वह सीरिया में भी रहा। कुछ रिपोर्टों में उसके कथित चरमपंथी विचारों से प्रभावित होने की बात कही गई है। हालांकि, उसकी विचारधारा, उद्देश्य और हमले के पीछे वास्तविक मंशा को लेकर जांच अभी जारी है और इन दावों को जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।


2024 में ओमान में उड़ान से जुड़ी भूमिका से हटाने का दावा


मामले की जांच में अल-हमामी का पुराना विमानन रिकॉर्ड भी सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक उसे 2024 में ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन ओमान एयर से जुड़ी पायलट ट्रेनिंग भूमिका से हटाया गया था। इसके पीछे कथित सुरक्षा चिंताओं और उसके विचारों को लेकर सवाल उठने की बात विभिन्न रिपोर्टों में कही गई है। इसके बाद उसने फ्लाईदुबई में काम किया।


फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन पर हमला


बुधवार को फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान अल-हमामी ने कथित तौर पर कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हुए और विमान तेजी से नीचे जाने लगा।


रिपोर्टों के अनुसार विमान थोड़े समय में लगभग 17 हजार फीट नीचे आ गया। गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने आरोपी को काबू करने में मदद की। विमान को सऊदी अरब के ताबुक में आपात स्थिति में उतारा गया। AP के अनुसार विमान में 182 लोग सवार थे।


पीएम मोदी से वीडियो कॉल पर हुई बातचीत


घटना के बाद अस्पताल में इलाज करा रहे कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल पर बातचीत की। प्रधानमंत्री ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और संकट की स्थिति में उनके साहस, सूझबूझ और संयम की सराहना की। मोदी ने कहा कि उनके प्रयास से विमान में मौजूद लोगों की जान बचाने में मदद मिली।


हमले के दौरान पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा


प्रधानमंत्री से बातचीत में स्मित मच्छार ने बताया कि मुश्किल या दर्द की स्थिति में वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और विमान में हमले के दौरान भी वह हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें भगवान हनुमान से साहस मिला और उन्हें लगा कि ईश्वर ने उनकी रक्षा की। बातचीत के दौरान स्मित भावुक भी हो गए।
मच्छार ने प्रधानमंत्री से कहा कि मोदी उनके सबसे बड़े आदर्श हैं। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार से भी बातचीत की और कैप्टन की परवरिश तथा उनके साहस की सराहना की।


जांच में कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे


अब जांच एजेंसियों के सामने प्रमुख सवाल यह है कि अल-हमामी की पिछली पृष्ठभूमि क्या थी और कथित सुरक्षा चिंताओं के बावजूद उसे फ्लाईदुबई के विमान में को-पायलट की जिम्मेदारी कैसे मिली। साथ ही हमले का वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी, इसकी भी जांच की जा रही है।
फिलहाल आरोपी की पहचान और उसकी पृष्ठभूमि को लेकर कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं, लेकिन उसके कथित उद्देश्य तथा किसी आतंकी संगठन से संबंध के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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