दो पैन कार्ड मामले में सपा नेता आजम खां की सजा बढ़ी, कोर्ट ने 10 साल कैद और 5 लाख जुर्माना लगाया

रीना तुरैहा, लव इंडिया, रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां को दो पैन कार्ड मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने उनकी सजा बढ़ाते हुए सात साल से बढ़ाकर दस साल कर दी है। इसके साथ ही अदालत ने जुर्माने की राशि भी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है।


यह मामला भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे से जुड़ा है। वर्ष 2019 में सिविल लाइंस थाने में दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए थे। एक दस्तावेज में जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 और दूसरे में 30 सितंबर 1990 दर्ज थी। आरोप यह भी था कि चुनाव लड़ने की पात्रता हासिल करने के लिए दस्तावेजों में कथित हेरफेर किया गया।


पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया था। लंबी सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने नवंबर 2025 में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद दोनों को न्यायालय से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया था।


बाद में इस फैसले के खिलाफ अपील की गई, लेकिन सत्र अदालत ने सजा को बरकरार रखा। इसी बीच भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की ओर से सजा बढ़ाने की मांग करते हुए एक अन्य अपील दायर की गई थी। अदालत ने इस अपील पर सुनवाई पूरी करने के बाद अब सजा बढ़ाने का आदेश दिया है। सरकारी पक्ष की ओर से बताया गया कि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आजम खां की सजा बढ़ाकर दस वर्ष कर दी है और जुर्माने की राशि भी बढ़ा दी गई है।


भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने फैसले को बताया ऐतिहासिक


फैसले के बाद भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि अदालत का यह निर्णय कानून के शासन और न्यायपालिका की निष्पक्षता को मजबूत करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन लोगों के लिए संदेश है जो निजी लाभ के लिए नियमों और कानूनों की अनदेखी करते हैं। उनके मुताबिक न्यायालय का निर्णय समाज में कानून के प्रति विश्वास को और मजबूत करेगा।

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