प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशों को लेकर जिला भट्टा एसोसिएशन नाराज, DM को सौंपा ज्ञापन


🔴 अनुमति पत्र के बिना संचालन, लाइसेंस नवीनीकरण और विभागीय कार्रवाई जैसे मुद्दों पर तत्काल समाधान की मांग


मुरादाबाद। प्रदेश भर में ईंट-भट्टों पर लगी नई शर्तों और अनुमति-पत्र से जुड़े आदेशों को लेकर भट्टा संचालकों में नाराज़गी बढ़ गई है। इसी क्रम में जिला भट्टा एसोसिएशन मुरादाबाद के पदाधिकारी मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।


📌 विभागीय विज्ञापन से बढ़ी भट्टा संचालकों की चिंता

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा हाल ही में जारी विज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि जिस भी ईंट-भट्टे के पास वैध सहमति (Consent) नहीं है, उनका संचालन प्रतिबंधित माना जाएगा।
विज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि बिना अनुमति संचालित भट्टों के विरुद्ध सीज, डिमोलिश और दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

भट्टा व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रदेश में कई भट्टों की सहमति नवीनीकरण प्रक्रिया लंबित है, जिससे संचालन प्रभावित हो रहा है।


📌 जिला भट्टा एसोसिएशन का पक्ष — 300 में से 75–80 भट्टे बिना अनुमति के

ज्ञापन में बताया गया कि जनपद मुरादाबाद में लगभग 300 ईंट-भट्टे संचालित हैं, जिनमें से 75–80 भट्टों को अभी तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सहमति-पत्र (NOC/Consent) प्राप्त नहीं हुआ है।
भट्टा संचालकों का कहना है कि—

  • विभागीय प्रक्रिया धीमी है,
  • लाइसेंस के नवीनीकरण में देरी हो रही है,
  • और बिना अनुमति पत्र के संचालन करने पर उन पर कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।

📌 दो भट्टों के एक ही क्षेत्र में संचालन पर भी आपत्ति

एसोसिएशन ने यह मुद्दा भी उठाया कि अजहरी ब्रिक वर्क्स, ग्राम जेवतबाज कुंदरकी क्षेत्र में एक ही फर्म के दो भट्टे संचालित हैं, जिनमें से एक के पास प्रदूषण प्रमाण पत्र है और दूसरा बिना अनुमति चल रहा है।
संचालकों ने इसे नियमों के विपरीत बताया और कार्रवाई की मांग की।


📌 विभागीय दबाव व राजस्व वसूली पर आरोप

ज्ञापन में संचालकों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना अनुमति चल रहे भट्टों से कुछ अधिकारी राजस्व और अन्य शुल्क की मांग कर रहे हैं, जबकि अनुमति-पत्र जारी न होने की जिम्मेदारी विभाग पर ही है।

उन्होंने कहा कि एक तरफ विभाग अनुमति जारी नहीं करता और दूसरी तरफ संचालन को अवैध बताकर दबाव बनाया जाता है।


📌 तत्काल समाधान की मांग

जिला भट्टा एसोसिएशन ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि—

  • लंबित अनुमति-पत्र जल्द जारी किए जाएं
  • पहले से चल रहे भट्टों को अनुमति मिलने तक कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए
  • दो भट्टों के संचालन वाले मामले की जांच कराई जाए
  • और विभागीय अनियमितताओं पर नियंत्रण लगाया जाए।

📌 ज्ञापन सौंपने पहुंचे पदाधिकारी

ज्ञापन सौंपने वालों में —
अध्यक्ष नितिन गुप्ता, महामंत्री संजीव चौधरी, संरक्षक अनिल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष नवीन जैन सहित कई भट्टा कारोबारी मौजूद रहे।



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