उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। शनिवार शाम 5:30 बजे मुरादाबाद में मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज आंधी और तूफानी हवाओं के बाद शुरू हुई जोरदार बारिश ने पूरे शहर को पानी-पानी कर दिया। कई इलाकों में घंटों तक मूसलाधार बारिश होती रही, जबकि बीच-बीच में तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। बारिश के चलते शहर के पुराने और नए दोनों हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश शुरू होते ही कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली गुल हो गई, जिससे लोगों को उमस और अंधेरे की दोहरी समस्या झेलनी पड़ी।
पुराने शहर में सड़कों पर भरा पानी

शहर के पुराने इलाकों में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। बुध बाजार, मानपुर, कोठीवाल नगर, असालतपुरा, मंडी चौक, लाइनपार, कटघर, मकबरा, मुगलपुरा, नागफनी और बारादरी समेत कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया। कई गलियां तालाब जैसी दिखाई देने लगीं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
निचले इलाकों में घरों और दुकानों के सामने पानी जमा होने से लोगों की चिंता बढ़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल जाती है।
इन मोहल्लों में भी जलभराव

सिर्फ पुराना शहर ही नहीं, बल्कि नए विकसित क्षेत्रों में भी बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की परीक्षा ले ली। लोकोशेड, चंद्र नगर, बुद्धि विहार, मानसरोवर कॉलोनी, रामगंगा विहार, आशियाना, कांशीराम नगर और आसपास के इलाकों में भी जलभराव की खबरें सामने आई हैं।
कई कॉलोनियों में सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। कुछ स्थानों पर वाहन पानी में फंसते भी दिखाई दिए।
मौसम विभाग ने पहले ही जारी किया था अलर्ट

मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों, जिनमें मुरादाबाद भी शामिल है, के लिए तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और 80 से 90 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट जारी किया था।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है।
लोगों ने उठाए जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल
बारिश के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी वायरल होने लगीं। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर वर्ष मानसून से पहले तैयारियों के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली तेज बारिश में ही हालात बिगड़ जाते हैं। जलभराव के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति भी बनी रही।