मुरादाबाद में आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि से बदला मौसम, फसलों को भारी नुकसान की आशंका


भीषण गर्मी से मिली राहत, लेकिन किसानों की बढ़ी चिंता, कई इलाकों में लगातार गिर रहे ओले। इस बीच,एकाएक मोबाइल पर आए Extremely severe alert (रात लगभग 10:30 बजे) के सरकार ने लोगों को सतर्क किया है और कहा है कि अगले 3 घंटों में आपके इलाके में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ तेज़ तूफ़ान (हवा की रफ़्तार 60-80 kmph, झोंकों में 90 mph तक) और मध्यम से तेज़ बारिश व ओले गिरने की बहुत ज़्यादा संभावना है।


लव इंडिया, मुरादाबाद। बृहस्पतिवार रात को अचानक बदले मौसम ने मुरादाबाद में गर्मी से बड़ी राहत दिलाई, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी। पहले तेज आंधी चली, उसके बाद मूसलाधार बारिश शुरू हो गई और फिर कई इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी होने लगी। देर शाम तक तेज बारिश का दौर जारी रहा और बीच-बीच में ओले गिरते रहे, जिससे मौसम पूरी तरह ठंडा हो गया।


शाम बाद अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ धूलभरी आंधी शुरू हो गई। देखते ही देखते मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। शहर के कई हिस्सों और ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के साथ ओले भी गिरे। अचानक बदले मौसम से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका गहरा गई है।


ग्रामीण इलाकों में किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से सब्जियों, आम, लीची और अन्य मौसमी फसलों को नुकसान हो सकता है। कई जगह पेड़ों से कच्चे फल टूटकर गिर गए। किसानों का कहना है कि पहले ही मौसम की मार और बढ़ती लागत से खेती प्रभावित है, ऐसे में बारिश और ओलावृष्टि ने चिंता और बढ़ा दी है।


शहर में तेज बारिश के कारण कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। कुछ स्थानों पर तेज हवा के चलते पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़क पर गिर गईं। मौसम सुहावना होने से लोगों ने राहत महसूस की, वहीं बच्चों और युवाओं ने बारिश का आनंद भी लिया।


मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। विभाग ने अगले कुछ घंटों तक तेज बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।


किसानों ने प्रशासन से फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मौसम का यही हाल रहा तो कई फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

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