चर्च संपत्तियों की सुरक्षा के लिए ‘CCAT’ न्यास का गठन, पहली बैठक में उठे बड़े मुद्दे


🪶 अवैध बिक्री और दुरुपयोग रोकने को पहल, देशभर से जुड़े विशेषज्ञों ने बनाई रणनीति


📍गाजियाबाद /मुरादाबाद/राष्ट्रीय। देशभर में चर्च संपत्तियों के कथित दुरुपयोग, अवैध हस्तांतरण और अनियमितताओं को लेकर उठती चिंताओं के बीच चर्च संपत्ति संरक्षक न्यास (Custodians of Church Assets Trust – CCAT) का गठन किया गया है। यह न्यास चर्च से जुड़ी जमीनों और संपत्तियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया है।


🟦 क्यों बना यह न्यास


बताया गया कि लंबे समय से विभिन्न धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं, जिनमें कथित रूप से अवैध बिक्री, फर्जी दस्तावेजों के जरिए हस्तांतरण, निजी हितों के लिए संपत्तियों का उपयोग जैसी समस्याएं शामिल रही हैं। इन्हीं मुद्दों को ध्यान में रखते हुए यह न्यास एक सामूहिक पहल के रूप में सामने आया है।

🟨 क्या करेगा CCAT


न्यास का मुख्य उद्देश्य चर्च संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, पारदर्शी और जवाबदेह प्रबंधन व्यवस्था लागू करना, अवैध बिक्री, पट्टे और किराये पर रोक लगाना होगा।
न्यास ने स्पष्ट किया है कि जो भी संस्था नियमों/नीतियों के विरुद्ध चर्च संपत्ति का उपयोग या हस्तांतरण करेगी, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

🟪 इन संस्थाओं पर लागू होंगे नियम


यह पहल कई प्रमुख चर्च और संस्थाओं से जुड़ी संपत्तियों पर लागू बताई गई है, जिनमें चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (CNI), मेथोडिस्ट चर्च, बैपटिस्ट चर्च, कैथोलिक चर्च, चर्च ऑफ साउथ इंडिया, सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट, एंग्लिकन चर्च, पेंटेकोस्टल चर्च, मलंकारा व सीरियन ऑर्थोडॉक्स चर्च, अन्य संबंधित ट्रस्ट व संस्थान।


🟥 पहली बैठक में बनी रणनीति


न्यास की पहली बैठक डोसा प्लाजा में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता ट्रस्ट की अध्यक्ष लिली भावना कॉलर ने की।
बैठक में विभिन्न राज्यों से आए सदस्यों ने भाग लिया और चर्च संपत्तियों के संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

🟩 इनकी रही उपस्थिति


बैठक में प्रमुख रूप सेएन. बी. मोंट्रोज़डॉ. राहुल उठवाल (गाजियाबाद) वरिष्ठ पत्रकार संजोग वाल्टर (लखनऊ) सी. आर. विलियम, जैस्मिन लाल (मिर्जापुर), जयवंत लाल सुदीपा मित्रा (प्रयागराज), धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव, अबुल कलाम, राइन ठाकुर, शिव सागर सिंह, विवेक मोंट्रोज़ (दिल्ली) डॉ. रमा मोंट्रोज़ (सचिव) उपस्थित रहे।

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