बिलारी में कश्यप निषाद संगठन का सम्मेलन: सामाजिक एकता के साथ 2027 की सियासत का संदेश


बिलारी/मुरादाबाद। बिलारी के भाईजी रिसॉर्ट में रविवार को कश्यप निषाद संगठन के तत्वावधान में सामाजिक एकता, जागरूकता एवं अधिकार सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का आयोजन जिज्ञासा अस्पताल, मुरादाबाद के चेयरमैन डॉ. सीपी सिंह की ओर से किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप सम्मेलन के मुख्य अतिथि रहे।


सम्मेलन में सामाजिक एकता, शिक्षा, जागरूकता और समाज के अधिकारों को लेकर चर्चा हुई। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। आयोजकों के हवाले से 10 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी का दावा किया गया है।


सामाजिक सम्मेलन में दिखा राजनीतिक संदेश


सम्मेलन भले ही सामाजिक एकता, जागरूकता और अधिकारों के मुद्दे पर केंद्रित रहा, लेकिन कार्यक्रम में राजनीतिक सक्रियता का संदेश भी साफ दिखाई दिया। मुख्य अतिथि नरेंद्र कश्यप ने समाज के लोगों से एकजुट रहने और राजनीतिक रूप से सक्रिय होकर अपनी भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। आपके अनुसार, उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत दिलाकर सत्ता में वापस लाने की अपील भी की।


ऐसे में बिलारी का यह सम्मेलन केवल सामाजिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं दिखाई देता, बल्कि इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कश्यप-निषाद समाज के बीच राजनीतिक संवाद और लामबंदी की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है।


डॉ. सीपी सिंह की सक्रियता पर भी नजर


कार्यक्रम के आयोजक डॉ. सीपी सिंह की मौजूदगी और आयोजन में उनकी भूमिका भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। डॉ. सीपी सिंह बिलारी क्षेत्र में सामाजिक कार्यक्रमों और समाज से जुड़े आयोजनों के माध्यम से अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं।
हालांकि भाजपा ने अभी डॉ. सीपी सिंह को बिलारी विधानसभा सीट से अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, इसलिए उन्हें खबर में “संभावित प्रत्याशी” या “संभावित दावेदार” के तौर पर ही लिखा जाना उचित है।
सम्मेलन के माध्यम से डॉ. सीपी सिंह ने समाज के लोगों को राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया। उनका फोकस शिक्षा, संगठन और समाज की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने पर दिखाई दिया। इससे बिलारी की स्थानीय राजनीति में उनकी सक्रियता को लेकर चर्चाओं को भी बल मिल सकता है।


भाजपा नेताओं की मौजूदगी ने बढ़ाया राजनीतिक महत्व


सम्मेलन में डॉ. यशवीर सिंह, विकास गुप्ता, दयाराम मौर्य, रामनरेश यादव, पारस शर्मा, रवि पासी, रघुराज प्रताप सिंह और अनिल चौधरी सहित 10 हजार से अधिक लोग मौजूद रहे।


यही वजह है कि कार्यक्रम में सामाजिक मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक समीकरणों की चर्चा भी स्वाभाविक रूप से तेज हुई। खासकर 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए किसी बड़े सामाजिक समूह के सम्मेलन में प्रदेश सरकार के मंत्री की मौजूदगी और स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेताओं की भागीदारी को राजनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।


बारिश के बीच जुटी भीड़ ने दिया एकजुटता का संदेश


कार्यक्रम के दौरान मूसलाधार बारिश भी हुई, लेकिन इसके बावजूद लोगों की मौजूदगी बनी रही। आयोजकों ने इसे समाज की एकजुटता और सम्मेलन के प्रति लोगों के उत्साह का संकेत बताया। सम्मेलन में शिक्षा को समाज की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए युवाओं को सामाजिक गतिविधियों और जागरूकता में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश भी दिया गया।


बिलारी की राजनीति में क्या होगा असर?


बिलारी विधानसभा क्षेत्र में 2027 के चुनाव को लेकर अभी से राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। ऐसे में कश्यप-निषाद समाज के बड़े सम्मेलन के जरिए सामाजिक एकता, राजनीतिक भागीदारी और चुनावी सक्रियता का संदेश सामने आना स्थानीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है।


डॉ. सीपी सिंह की बढ़ती सक्रियता और ऐसे आयोजनों में उनकी भूमिका आने वाले समय में उनके राजनीतिक दावे को कितना मजबूत करती है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल इतना जरूर है कि बिलारी में आयोजित इस सम्मेलन ने सामाजिक मुद्दों के साथ-साथ 2027 की संभावित राजनीतिक तस्वीर को लेकर भी चर्चाओं को हवा दे दी है।


error: Content is protected !!