मुरादाबाद में शराब वितरण के नाम पर निवेश करवाकर करोड़ों की ठगी, FIR

उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में शराब वितरण (डिस्ट्रिब्यूशन) के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने कई नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एफआईआर के अनुसार, नितिन अग्रवाल, पुत्र स्व. अनिल कुमार अग्रवाल निवासी: ए-57/58, दीनदयाल नगर, फेस-2, मुरादाबाद को शराब के ब्रांड “रॉयल स्टैग बीयर” के उत्तर प्रदेश में वितरण कार्य से जोड़ने का भरोसा दिया गया था। आरोप है कि इस भरोसे के आधार पर पीड़ित से लगभग ₹1.56 करोड़ का निवेश करवाया गया। बदले में प्रति पेटी ₹100 कमीशन देने और पूरा खर्च वहन करने का आश्वासन दिया गया था।


पीड़ित नितिन अग्रवाल के मुताबिक, वर्ष 2022 में समझौते के बाद उसने व्यापार में भारी धनराशि लगाई और माल खरीदकर बाजार में वितरित भी किया। लेकिन लंबे समय तक न तो कमीशन मिला और न ही निवेश की गई रकम वापस की गई। बार-बार पूछने पर आरोपियों द्वारा टालमटोल किया जाता रहा।

आरोप है कि बाद में एक अन्य फर्म के माध्यम से फर्जी अथॉराइजेशन लेटर तैयार कर धनराशि को अन्य खातों में ट्रांसफर करा दिया गया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उसने पैसे की मांग की तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी दी, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराया गया।


⚖️ मामले में पुलिस कार्रवाई


एफआईआर में दर्ज जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और एक जांच अधिकारी को नामित किया गया है। प्रकरण की जांच जारी है।

📌 रिपोर्ट दर्ज कराने वाले


नितिन अग्रवाल, पुत्र स्व. अनिल कुमार अग्रवाल
निवासी: ए-57/58, दीनदयाल नगर, फेस-2, मुरादाबाद

👤FIR में नामजद आरोपी


1- राजेश गुप्ता निवासी: 7/163, स्वरूप नगर, कानपुर (उ.प्र.)
2-रोहित सूरी पुत्र: स्व. रविन्द्र नाथ सूरी निवासी: सी-4,5 शुभम के0 ए0 एफ़0 सी0 के पास, साईं अस्पताल के निकट, दिल्ली रोड, मुरादाबाद
3-श्रीमती शालू सूरी पत्नी: रोहित सूरी निवासी: उपरोक्त
4-माधव सूरी पुत्र: रोहित सूरी निवासी: उपरोक्त
5-राहुल दुबे पिता: नामालूम निवासी: सूरी वाइन्स के पास, केएफसी/साईं अस्पताल के निकट, दिल्ली रोड, मुरादाबाद

⚖️ इन धाराएं में FIR


एफआईआर के अनुसार मामला निम्न धाराओं में धारा 156(3) CrPC (न्यायालय के आदेश पर FIR दर्ज)
धारा 173(4) BNSS (जांच/रिपोर्ट से संबंधित प्रावधान) दर्ज किया गया है।

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