V- Mart के प्रबंधक पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार


🪶 उपभोक्ता आयोग के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी, ₹2 लाख के भुगतान के आदेश के बाद भी नहीं हुआ अनुपालन


📍 लव इंडिया, सम्भल/मुरादाबाद। त्योहारों के दौरान चलाई गई आकर्षक स्कीम का लाभ उपभोक्ता को न देना वी-मार्ट रिटेल प्रबंधन को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, सम्भल ने आदेशों की अवहेलना पर वी-मार्ट रिटेल के प्रबंधक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं।

🟨 क्या था पूरा मामला


चंदौसी निवासी अनमोल वार्ष्णेय ने वी-मार्ट रिटेल की एक स्कीम के तहत खरीदारी की थी। स्कीम के अनुसार ₹2500 की खरीदारी पर ₹99 अतिरिक्त देकर ₹1000 का बैग मुफ्त देने का ऑफर था। उपभोक्ता ने दो बार ₹2500-₹2500 की खरीदारी कर ₹99-₹99 अतिरिक्त भुगतान किया।
इस आधार पर उन्होंने दो बैग की मांग की। लेकिन, स्टोर प्रबंधन ने बैग खत्म होने का हवाला देकर बाद में देने का आश्वासन दिया। कई बार चक्कर लगाने के बावजूद उपभोक्ता को स्कीम का लाभ नहीं मिला।

🟥 उपभोक्ता आयोग पहुंचा मामला

पीड़ित ने उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग, सम्भल में परिवाद दायर किया।
आयोग ने 5 अप्रैल 2025 को आदेश देते हुए कहा कि
₹2000 (बैग की कीमत) 7% वार्षिक ब्याज सहित भुगतान, ₹10,000 मानसिक कष्ट व आर्थिक हानि, ₹5000 वाद व्यय, दो माह के भीतर अदा किया जाए। साथ ही निर्धारित समय में भुगतान न करने पर ब्याज 9% वार्षिक करने का आदेश दिया गया।

🟪 आदेश का पालन न करने पर सख्ती


आरोप है कि कंपनी द्वारा आयोग के आदेश का पालन नहीं किया गया। इसके बाद अधिवक्ता द्वारा पुनः शिकायत दर्ज कराई गई। आयोग ने प्रबंधक को तलब किया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। अंततः आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रबंधक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए।

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