मुरादाबाद में ‘1.20 करोड़ की डकैती’ ने उड़ाई पुलिस की नींद, क्या घर के भेदी ने ही खोला था अकबर कंपाउंड का राज..?

उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। पीतल नगरी एक बार फिर उस दौर की यादों से सहम उठी है, जब शहर में देर रात हथियारबंद बदमाश बड़े कारोबारियों के घरों को निशाना बनाते थे। थाना नागफनी क्षेत्र के पॉश इलाके अकबर कंपाउंड में सोमवार तड़के हुई करोड़ों की डकैती ने न सिर्फ पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया, बल्कि लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई कि आखिर बदमाशों को इतनी सटीक जानकारी कैसे मिली।


घटना सोमवार तड़के करीब 3:40 बजे की बताई जा रही है। खास बात यह है कि जिस जगह यह दुस्साहसिक वारदात हुई, वह थाना नागफनी से ज्यादा दूर भी नहीं है। बावजूद इसके पांच हथियारबंद नकाबपोश बदमाश आराम से घर में दाखिल हुए, परिवार को बंधक बनाया, करोड़ों का माल समेटा और फरार हो गए। फिलहाल, अब से कुछ देर पहले ही बरेली से ADG रमेश शर्मा भी पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया


पीतल कारोबारी इमरान के घर बना निशाना


जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने पीतल कारोबारी इमरान पुत्र उस्मान के घर को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि सोमवार को एक जमीन की रजिस्ट्री होनी थी, जिसके चलते घर में करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये कैश रखा हुआ था। इसके अलावा करीब 6 तोला सोना भी घर में मौजूद था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बदमाश सीधे मेन गेट से अंदर दाखिल हुए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घर का डिजिटल लॉक बेहद आसानी से खोला गया। यही कारण है कि अब पुलिस और परिवार दोनों को किसी करीबी या घर की गतिविधियों की जानकारी रखने वाले व्यक्ति पर शक गहरा रहा है।


कनपटी पर तमंचा, परिवार को बनाया बंधक


परिवार के अनुसार, नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसते ही पूरे परिवार को गन प्वाइंट पर ले लिया। बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों तक को नहीं छोड़ा और सभी को एक जगह बैठाकर घर में रखे कैश और जेवरात की जानकारी ली।

बदमाशों को कैसे पता चला कि घर में इतनी बड़ी रकम रखी है


इसके बाद बदमाश बेहद इत्मीनान से घर खंगालते रहे। वारदात के दौरान घर में लगा CCTV सिस्टम भी उनके निशाने पर रहा। बदमाश CCTV कैमरों का DVR तक अपने साथ ले गए ताकि पहचान का कोई सुराग न बचे।
क्या ‘घर के भेदी’ ने ढहाई 1.20 करोड़ की डकैती?
पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बदमाशों को कैसे पता चला कि घर में इतनी बड़ी रकम रखी हुई है?

डिजिटल लॉक खोला और DVR तक साथ ले गए, उससे आशंका


पुलिस सूत्र मान रहे हैं कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं बल्कि पूरी तरह प्लान की गई डकैती हो सकती है। जिस तरह बदमाश सीधे सही कमरे तक पहुंचे, डिजिटल लॉक खोला और DVR तक साथ ले गए, उससे आशंका जताई जा रही है कि किसी करीबी ने अंदर की जानकारी लीक की हो।
स्थानीय लोगों के बीच भी यही चर्चा है कि बिना पक्की सूचना के इतनी बड़ी रकम तक पहुंच पाना आसान नहीं था। पुलिस हिरासत में लिए गए कुछ लोगों से पूछताछ कर रही है।


“योगी सरकार से पहले” वाले दौर की याद दिलाने वाली वारदात


मुरादाबाद में कई लोगों का कहना है कि वर्ष 2014 से पहले शहर में इसी तरह की वारदातें अक्सर सुर्खियों में रहती थीं। देर रात कारोबारी परिवारों को बंधक बनाकर डकैती डालना उस दौर में आम अपराध शैली मानी जाती थी।
लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ऐसी घटनाएं काफी कम हो गई थीं। यही वजह है कि अकबर कंपाउंड की यह वारदात लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। कई लोग इसे “पुराने अपराध मॉडल की वापसी” जैसा बता रहे हैं।


पुलिस महकमे में हड़कंप, मौके पर पहुंचे ADG, DIG और SSP


घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। DIG मुनिराज जी और SSP सतपाल अंतिल खुद मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाकर मौके से सबूत जुटाए गए। आसपास के तमाम CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि बदमाशों के आने-जाने का रूट पता लगाया जा सके। अब से कुछ देर पहले ही बरेली से ADG रमेश शर्मा भी पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को घटना के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए और हर पहलू की जांच करने को कहा है।

कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही


SP सिटी ने बताया कि डकैती में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम लूटी गई बताई जा रही है। मगर डिजिटल लॉक आसानी से खोला गया…यह सवाल पैदा कर रही है। ऐसे में किसी करीबी की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।
कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस की कई टीमें खुलासे में लगी हैं।


शहर में दहशत, कारोबारियों में बढ़ी चिंता


घटना के बाद मुरादाबाद के कारोबारियों में डर और चिंता का माहौल है। खासकर पीतल कारोबार से जुड़े लोग अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब थाना क्षेत्र से कुछ ही दूरी पर इतनी बड़ी वारदात हो सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा?

फिलहाल, पुलिस इसे जल्द खोलने का दावा कर रही है, लेकिन शहर में सबसे बड़ा सवाल यही गूंज रहा है। “क्या 1.20 करोड़ की इस डकैती के पीछे कोई शातिर गैंग था… या फिर घर के भेदी ने ही पूरा खेल बिगाड़ दिया..?”

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