लव इंडिया, संभल: बुद्ध पूर्णिमा के पर संभल में धूमधाम से नगर में कलश यात्रा निकाली गई। जगह जगह फूल वर्षा की गई। वही संभल के हयात नगर में स्थित चामुंडा मंदिर के पास गीता ज्ञान यज्ञ के सात दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

यह सात दिवसीय कथा 7 तारीख कथा का आयोजन रखा गया है। कथा का समय4 बजे से 6 बजे तक सम्पन्न हुआ करेगा व उसके बाद आरती हुआ करेगी। वही गीता व्यास स्वामी कृष्णानंद झा द्वारा गीता के ज्ञान कर्म और भक्ति के विषय को समझने का और भागवत गीता को जानने का यह एक पवन अक्षर है।
कल्कि नगरी संभल तीर्थ नगरी क्षेत्र में गीता ज्ञान यज्ञ के इस प्रकार के कार्यक्रम का यह अद्वितीय आयोजन हम सबके लिए प्रेरणादाई है। व्यास स्वामी कृष्णानंद झा ने बताया कि महाभारत युद्ध शुरू होने से ठीक पहले, कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन अपने ही सगे-संबंधियों, गुरु द्रोण, भीष्म पितामह को सामने देखकर दुविधा में पड़ जाता है। वो धनुष रख देता है और युद्ध करने से मना कर देता है।

तब उसके सारथी बने भगवान श्रीकृष्ण उसे गीता का उपदेश देते हैं। 18 अध्यायों में 700 श्लोकों के जरिए कृष्ण अर्जुन को कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग, धर्म, आत्मा-परमात्मा, जीवन-मृत्यु का रहस्य समझाते हैं।
- आत्मा अमर है, शरीर नश्वर है
- धर्म के लिए युद्ध करना क्षत्रिय का कर्तव्य है,मोह त्यागकर अपना कर्तव्य निभाओ उपदेश सुनकर अर्जुन का मोह दूर होता है और वो युद्ध के लिए तैयार हो जाता है।

वहीं महिला शक्ति संगठन की अध्यक्ष दीपा वाष्णे,ने कथा के आज पहले दिन सम्पन्न कर सभी महिलाओं ने आरती की
वही काफ़ी संख्या में महिलाए मौजूद रहीं। इनमें उर्मिला, कुमकुम, यशोदा,रेखा,गायत्री, संतोष, शिल्पी, रिचा,निशि, दीपा, खुशबू राधा, मोना नीतू, सरोज, नंदनी अलपी शालू, नेहा, रीना रेखा आदि सभी संगठन की सभी महिलाये मौजूद रहीं।
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