एडवोकेट की कार रोककर दी जान से मारने की धमकी, बोला- ‘तुझे वकालत करना भुला दूंगा’; पीछा करने पर अब दर्ज कराया मुकदमा

लव इंडिया, मुरादाबाद। थाना मूंढापांडे क्षेत्र में एक अधिवक्ता की कार रोककर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने और तमंचा दिखाकर डराने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि परिजनों के समझाने पर उसने तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई, लेकिन आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हो गए कि वे लगातार उसका और उसके भाई का पीछा करने लगे। इसके बाद उसने पुलिस में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। मूंढापांडे पुलिस ने एफआईआर संख्या 198/2026 दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

कार रोककर दी धमकी

एफआईआर के अनुसार पीड़ित राजेन्द्र कुमार एडवोकेट, पुत्र स्व. लक्ष्मण सिंह, निवासी ग्राम लालपुर तीतरी, थाना मूंढापांडे, जनपद मुरादाबाद हैं। वह मुरादाबाद कचहरी में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं।

शिकायत में कहा गया है कि 28 मई 2026 की रात करीब 9:30 बजे वह अपने पुत्र प्रिंस कुमार के साथ कार (टाटा पंच) से घर लौट रहे थे। गांव में भरतपाल मास्टर के मकान के सामने पहुंचने पर गांव के ही बंटी पुत्र ओमवीर सिंह तथा विजय उर्फ अनन्त पुत्र ओमवीर सिंह, निवासी ग्राम लालपुर तीतरी, थाना मूंढापांडे, मुरादाबाद ने उनकी कार रोक ली। आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि “तुझे वकालत करना भुला दूंगा।”

तमंचा निकालने का आरोप

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पीड़ित के साथ मौजूद तेजवीर ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और बंटी ने अपनी पैंट की बेल्ट से तमंचा निकाल लिया। तमंचा देखकर पीड़ित वहां से कार लेकर मुरादाबाद चला गया। उसी रात आरोपी घर पहुंचे और पीड़ित तथा उसके भाई सतेंद्र सिंह को जान से मारने की धमकी दी। इस घटना का वीडियो भी पीड़ित पक्ष के पास होने का दावा किया गया है।

पहले नहीं कराई रिपोर्ट, फिर बढ़ा दबाव

पीड़ित का कहना है कि परिवार के लोगों ने समझौते की उम्मीद में तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से मना कर दिया था। लेकिन बाद में आरोपी लगातार उसका और उसके भाई का पीछा करने लगे तथा जान से मारने की योजना बनाने की आशंका पैदा हो गई। इसके बाद मजबूर होकर उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

मूंढापांडे थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की निम्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है—

  • धारा 333 – लोक शांति भंग करने के उद्देश्य से धमकी/शरारत संबंधी प्रावधान (एफआईआर के अनुसार)
  • धारा 115(2) – स्वेच्छा से चोट पहुंचाना
  • धारा 352 – जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करने का प्रयास
  • धारा 351(2) – आपराधिक धमकी

error: Content is protected !!