डिप्टी सीएम से मिलने को एकत्र शिवसैनिकों को पुलिस ने किया हाउस अरेस्ट, जिला प्रमुख बोले- लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन
उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मुरादाबाद दौरे के दौरान शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। शिवसैनिक विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन उनके वहां पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें उनके आवास पर ही रोक दिया।

जानकारी के अनुसार, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता रविवार को कोतवाली क्षेत्र स्थित कोठीवाल नगर स्थित आवास पर एकत्र हुए थे। संगठन के लोग उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर शहर और व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उनके समक्ष रखने की तैयारी में थे।

बताया गया कि शिवसैनिक अभी अपने अन्य साथियों के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे, तभी पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने शिवसैनिकों को आवास से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी और उन्हें वहीं रोक लिया। इस दौरान पुलिस ने कहा कि यदि कोई ज्ञापन देना है तो वह प्रशासन को सौंप दिया जाए, जिसे शासन तक पहुंचा दिया जाएगा। हालांकि शिवसैनिकों ने प्रशासन को कोई ज्ञापन नहीं सौंपा और इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
“विरोध नहीं, समस्याओं से अवगत कराना चाहते थे”

लव इंडिया से बातचीत में शिवसेना जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी प्रकार का प्रदर्शन या विरोध करना नहीं था। वे केवल क्षेत्रीय समस्याओं और व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों और नागरिक संगठनों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन प्रशासन द्वारा उन्हें पहले ही रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जनता की आवाज को दबाने जैसा कदम है।
पहले भी नहीं हो पाई थी मुलाकात

शिवसेना नेताओं का कहना है कि यह पहला अवसर नहीं है जब उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। पूर्व में भी कई बार संगठन विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ नेताओं से मिलने का प्रयास कर चुका है, लेकिन प्रशासनिक कारणों से मुलाकात संभव नहीं हो पाई।
प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार उपमुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। इसी के तहत विभिन्न संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी और एहतियातन कुछ लोगों को उनके आवासों पर ही रोका गया। फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा का माहौल है। शिवसेना नेताओं ने भविष्य में भी जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष जारी रखने की बात कही है।
