राम मंदिर दानराशि गबन प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग, सनातनी समाज ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
राम भक्तों की आस्था से जुड़े मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की उठाई मांग
लव इंडिया, मुरादाबाद। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दानराशि के कथित गबन एवं आभूषणों की हेराफेरी के मामले को लेकर सनातनी समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

हिंदूवादी नेता मनोज व्यास के नेतृत्व में एडीएम फाइनेंस को एक लड़की दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले कई दिनों से समाचार पत्रों, न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया के माध्यम से राम मंदिर की दानराशि में कथित अनियमितताओं की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे देशभर के राम भक्तों और सनातन समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि विभिन्न माध्यमों में करोड़ों रुपये और कीमती आभूषणों की हेराफेरी की चर्चाएं हो रही हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
ज्ञापनकर्ताओं ने मांग की कि पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए। साथ ही संबंधित प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और कर्मचारियों के मोबाइल फोन की भी जांच कराई जाए।
इसके अतिरिक्त ज्ञापन में जांच पूरी होने तक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट समिति को भंग करने तथा समिति में चारों शंकराचार्यों के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग भी की गई है। ज्ञापनकर्ताओं का कहना है कि इससे मंदिर की व्यवस्थाएं सनातन धर्म की परंपराओं के अनुरूप संचालित हो सकेंगी।

सनातनी समाज ने राष्ट्रपति से मामले की शीघ्र एवं निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को दंडित करने की मांग की है, जिससे देश के करोड़ों राम भक्तों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास बना रहे। ज्ञापन देने वालों में विनोद कुमार शर्मा गोपेश कुमार विनय कुमार अनुज प्रताप आकाश प्रजापति अंकित कुमार राजू शर्मा आदि प्रमुख रहे।
