Moradabad में भद्रा काल में कई क्षेत्रों में कर दिया गया होलिका दहन

चंद्र ग्रहण और पंचांग मतभेद के कारण मुरादाबाद में तिथियों को लेकर बना रहा असमंजस

उमेश लव, लव इंडिया,मुरादाबाद। चंद्र ग्रहण और भद्रा काल के कारण इस वर्ष होली को लेकर शहर में असमंजस की स्थिति देखने को मिली। कई क्षेत्रों में भद्रा काल के दौरान ही होलिका दहन कर दिया गया, जबकि कुछ स्थानों पर पंचांग की गणना के आधार पर देर रात या ब्रह्म मुहूर्त में दहन की तैयारी की गई।

जिगर कॉलोनी में होली दहन कर दिया गया भद्राकाल में।

भद्रा काल में ही जलाई गई होलिका


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में होलिका दहन शुभ नहीं माना जाता, लेकिन तिथियों को लेकर भ्रम के चलते शहर के कई मोहल्लों में निर्धारित समय से पहले ही होलिका जला दी गई।
कुछ आयोजकों का तर्क था कि पूर्णिमा और ग्रहण के कारण सीमित समय उपलब्ध था, इसलिए उपलब्ध मुहूर्त में ही दहन करना उचित समझा गया। वहीं कई विद्वानों ने इसे परंपरा के विपरीत बताया।

अलग-अलग इलाकों में अलग तिथियां

शहर के कुछ क्षेत्रों में 2 मार्च की शाम होलिका दहन किया गया, जबकि कुछ मोहल्लों में 3 मार्च ब्रह्म मुहूर्त का इंतजार किया गया। वहीं कुछ स्थानों पर 4 मार्च की सुबह रंग खेलने की तैयारी की गई है। इस तरह अलग-अलग तिथियों पर आयोजन होने से लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रही।

धार्मिक विशेषज्ञों की राय


ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भद्रा काल में होलिका दहन टालना चाहिए, लेकिन विशेष परिस्थितियों में ग्रहण और तिथि गणना के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है। वहीं उन्होंने कहा कि रंग खेलना धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक परंपरा है, इसलिए सूतक समाप्ति के बाद इसे मनाया जा सकता है।

प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की

त्योहार के मद्देनज़र पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए शांति और सौहार्द बनाए रखें।

मुरादाबाद होली 2026 – पूरा टाइमलाइन


🔶 2 मार्च 2026 (फाल्गुन पूर्णिमा)
🕕 शाम 6:40 बजे से भद्रा प्रारंभ
👉 इस समय से भद्रा काल शुरू हो जाएगा।
👉 भद्रा में होलिका दहन करना शास्त्रों में वर्जित माना जाता है।


🔶 2/3 मार्च मध्यरात्रि (भद्रा पुच्छ काल)
🕛 रात्रि लगभग 12:15 बजे से 1:20 बजे तक
👉 यह भद्रा का अंतिम भाग (भद्रा पुच्छ) माना जा रहा है।
👉 परंपरा अनुसार भद्रा पुच्छ में होलिका दहन करना स्वीकार्य माना जाता है।
🔥 इसी समय होलिका दहन करना सबसे शास्त्रसम्मत विकल्प माना जा रहा है।


🔶 3 मार्च 2026 (सुबह)
🕔 सुबह लगभग 5:10 बजे भद्रा समाप्त
⚠️ 3 मार्च को चंद्र ग्रहण का भी प्रभाव रहेगा।
👉 सूतक काल का प्रभाव दिन के समय रहेगा।
👉 ग्रहण के कारण कुछ लोग रंग खेलने से परहेज़ करेंगे।

🔶 3 मार्च – रंगोत्सव? धार्मिक मतभेद:
✔ कुछ लोग 3 मार्च को ही रंग खेलेंगे (ग्रहण के बाद)
✔ कई लोग 4 मार्च को रंगोत्सव मनाने की तैयारी में

🔶 4 मार्च 2026
👉 कई मोहल्लों में 4 मार्च को रंग खेलने का निर्णय लिया जा रहा है।
👉 क्षेत्र के कुछ इलाकों में 4 मार्च को सुबह दहन की भी चर्चा है (हालांकि यह पारंपरिक तिथि से अलग है)।

🧭 अब क्या करें?


✔ शास्त्रानुसार होलिका दहन पूर्णिमा की रात्रि में ही होना चाहिए।
✔ भद्रा पुच्छ काल (मध्यरात्रि) सर्वोत्तम विकल्प है।
✔ ग्रहण को लेकर रंग खेलने की तिथि पर सामाजिक सहमति जरूरी है।

📌 मुरादाबाद के लिए सबसे संतुलित विकल्प

🔥 होलिका दहन – 2 मार्च मध्यरात्रि (12:15 – 1:20 बजे)
🎨 रंगोत्सव – 3 मार्च (ग्रहण के बाद) या 4 मार्च सामाजिक सहमति से

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