तीसरी संतान छिपाना पड़ा भारी: मध्य प्रदेश में सब-रजिस्ट्रार बर्खास्त, दो-बच्चे नियम पर बड़ी कार्रवाई
भोपाल/सिंगरौली। मध्य प्रदेश में दो-बच्चे संबंधी नियम को लेकर एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। सिंगरौली में पदस्थ सब-रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार को तीसरी संतान होने का तथ्य सामने आने के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की उस नीति के तहत की गई है, जिसमें निर्धारित अवधि के बाद तीसरी संतान होने पर सरकारी सेवाओं में प्रतिबंध और दंडात्मक प्रावधान लागू हैं।

जानकारी के अनुसार, सब-रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार के खिलाफ शिकायत की गई थी कि शासकीय सेवा के दौरान उनकी तीसरी संतान का जन्म हुआ था। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच में जन्म संबंधी दस्तावेजों, अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप सही पाए गए।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि परिहार की तीसरी संतान अभिषेक सिंह का जन्म 19 नवंबर 2003 को हुआ था। कलेक्टर सिंगरौली की संयुक्त जांच समिति और विभागीय जांच में भी यह तथ्य प्रमाणित पाया गया। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में उन्हें दोषी माना, जिसके आधार पर आईजी पंजीयन अमित तोमर ने सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।

बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और उनका पक्ष भी सुना गया। जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें दो से अधिक संतान संबंधी नियम की जानकारी नहीं थी, लेकिन विभाग ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।
विशेष बात यह है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा हाल ही में यह स्पष्ट किए जाने के बावजूद कि दो से अधिक संतान होने मात्र से कर्मचारियों की नौकरी नहीं जाएगी, यह कार्रवाई पुराने प्रकरण और लागू नियमों के उल्लंघन के आधार पर की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला विभागीय जांच में दोष सिद्ध होने के बाद की कार्रवाई है।

प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को एक नजीर के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि भविष्य में सेवा नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में विभाग और अधिक सख्ती बरत सकता है।
