पहली बार शहर पहुंचीं 40 आदिवासी महिलाएं, बाबा विश्वनाथ धाम में किए दर्शन; DIG वैभव कृष्ण ने निभाया महीनों पुराना वादा
लव इंडिया, चंदौली/वाराणसी। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के दूरस्थ और वन क्षेत्र से घिरे पांडी गांव की 40 आदिवासी महिलाओं के लिए 29 जून का दिन जीवनभर यादगार बन गया। इन महिलाओं ने पहली बार अपने गांव की सीमाओं से बाहर निकलकर शहर देखा और वाराणसी के प्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण किया। यह पहल वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण के नेतृत्व में “मिशन शक्ति” अभियान के तहत की गई।

जानकारी के अनुसार, कुछ महीने पहले डीआईजी वैभव कृष्ण चंदौली के पांडी गांव पहुंचे थे। उस दौरान महिलाओं ने बताया था कि उन्होंने कभी गांव से बाहर कदम नहीं रखा और न ही किसी बड़े शहर या धार्मिक स्थल के दर्शन किए हैं। तब डीआईजी ने उन्हें वाराणसी घुमाने और बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन कराने का वादा किया था। अब उन्होंने अपना यह वादा पूरा कर दिया।
पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष बस की व्यवस्था कर महिलाओं को वाराणसी लाया गया। यात्रा के दौरान उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ धाम, विशालाक्षी शक्तिपीठ, संकटमोचन मंदिर और दुर्गाकुंड मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके अलावा महिलाओं ने पहली बार किसी बड़े शॉपिंग मॉल JHV मॉल का भी भ्रमण किया, जहां उन्होंने आधुनिक शहरी जीवन को करीब से देखा।
यात्रा के दौरान कई महिलाओं ने बताया कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वे अपने गांव से बाहर निकलकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर पाएंगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य केवल धार्मिक यात्रा कराना नहीं था, बल्कि आदिवासी महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना और नई संभावनाओं से परिचित कराना भी था।

मिशन शक्ति के तहत आयोजित इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सामाजिक रूप से पिछड़े और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को नई दुनिया से परिचित कराने के इस प्रयास की विभिन्न स्तरों पर सराहना हो रही है।
Note: The photo is not real, it was created by AI.
