कमाल अख्तर का इस्तीफा चुनावी रणनीति का हिस्सा, निजी विवाद से न जोड़ें’
-इस्तीफे पर सपा सांसद रुचि वीरा की सफाई, बोलीं- यह संगठन का फैसला
उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी के कांठ विधायक कमाल अख्तर के विधानसभा में मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद से इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले को उनके और कमाल अख्तर के बीच किसी व्यक्तिगत विवाद या जीत-हार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
कमाल अख्तर ने कहा है कि उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दिया है। उनके अनुसार, पार्टी नेतृत्व का निर्णय मानना प्रत्येक कार्यकर्ता और पदाधिकारी का दायित्व है।
इस्तीफे की खबर ऐसे समय आई है जब कुछ दिन पहले ही लखनऊ में अखिलेश यादव ने मुरादाबाद में पीडीए सम्मेलन के दौरान पैदा हुए विवाद को लेकर पार्टी नेताओं के साथ बैठक की थी। पीडीए सम्मेलन में सांसद रुचि वीरा की कथित अनदेखी और प्रचार सामग्री में उनकी तस्वीर नहीं होने को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हुई थी। बाद में पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद इस विवाद को समाप्त बताया गया।
कमाल अख्तर के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे पीडीए सम्मेलन विवाद से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि सांसद रुचि वीरा ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि संगठन में किसे कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी या बदली जाएगी, यह पूरी तरह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का अधिकार है। इसे व्यक्तिगत मतभेद या किसी की जीत-हार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
रुचि वीरा ने कहा कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी संगठन में रणनीतिक बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनावी तैयारी में जुटी है और मुरादाबाद जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर भाजपा के संपर्क में होने की चर्चाओं को भी निराधार बताया और कहा कि उनका पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने तथा जनता के मुद्दों को उठाने पर है। सांसद ने प्रदेश सरकार पर बिजली, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए। साथ ही राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे के उपयोग की उच्च स्तरीय जांच की मांग दोहराई।
फिलहाल, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कमाल अख्तर के इस्तीफे के बाद समाजवादी पार्टी में नए संगठनात्मक बदलावों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक मुख्य सचेतक पद पर नए नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
