“मैं सुप्रीम कोर्ट में नौकरी करता हूं, मकान खाली नहीं करूंगा”; विधवा ने लगाया कब्जा और धमकी का आरोप
तहसील समाधान दिवस में गुहार, जान-माल की सुरक्षा और पैतृक मकान को कब्जामुक्त कराने की मांग
लव इंडिया सम्भल। जनपद सम्भल की तहसील क्षेत्र के ग्राम पौटा निवासी एक विधवा महिला ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर अपने दिवंगत पति के पैतृक मकान पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की जांच में कब्जा अवैध पाए जाने के बावजूद कब्जाधारी मकान खाली नहीं कर रहे हैं तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
ग्राम पौटा निवासी सर्वेश पत्नी स्वर्गीय रामवीर ने तहसील प्रशासन को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसके ससुर स्वर्गीय रग्धू पुत्र सुक्की के छह पुत्र थे और वर्ष 2008 में पैतृक आवासीय संपत्ति का आपसी बंटवारा हो गया था। वर्ष 2018 में उसके पति रामवीर की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, पति के हिस्से में आई जमीन पर महावीर पुत्र स्वर्गीय रग्धू द्वारा बकरियां और अन्य पशु बांधे जा रहे हैं। महिला का आरोप है कि फरवरी 2026 में जमीन खाली करने को कहने पर महावीर ने उक्त भूमि को प्रमोद पुत्र स्वर्गीय मशीदयाल की बताकर कब्जा हटाने से इनकार कर दिया।
मुख्यमंत्री पोर्टल, लेखपाल और पुलिस जांच का हवाला
महिला का दावा है कि उसने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी जांच के दौरान हल्का लेखपाल ने मौके पर कब्जा अवैध बताया था। इसके बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सम्भल को भी शिकायत भेजी गई। महिला के अनुसार, चौकी सिरसी पुलिस द्वारा की गई जांच में भी संबंधित व्यक्तियों को भूमि खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन कथित कब्जा नहीं हटाया गया।
“मैं सुप्रीम कोर्ट में नौकरी करता हूं…”
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि 13 जून को सामाजिक स्तर पर विवाद निस्तारण के प्रयास के दौरान प्रमोद ने कथित रूप से कहा कि “मैं सुप्रीम कोर्ट में नौकरी करता हूं, मैं यह जगह खाली नहीं करूंगा। पुलिस को पैसा दे दूंगा और अदालत में चार-चार वकील खड़े कर दूंगा।”
महिला का कहना है कि इसके बावजूद उसने कई बार समझौते और समाधान का प्रयास किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
112 पर कॉल के बाद पहुंची पुलिस
महिला ने आरोप लगाया कि 18 जून को जब वह अपने मकान पर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। ताला खोलने के लिए कहने पर कथित रूप से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद उसकी पुत्री ने डायल-112 पर कॉल की, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई।
पुलिस निरीक्षक ने भी कब्जा विधवा के हिस्से का बताया: आरोप
प्रार्थना पत्र में दावा किया गया है कि थाना हजरतनगर गढ़ी के प्रभारी निरीक्षक ने मौके का निरीक्षण कर संबंधित भूमि को प्रथम दृष्टया दिवंगत रामवीर की विधवा के हिस्से की बताया। महिला का आरोप है कि इसके बाद विपक्षी पक्ष के लोग और अधिक आक्रामक हो गए।
लाठी-डंडों से हमला करने की कोशिश का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि 19 जून की शाम को पुलिस टीम के जाने के बाद प्रमोद, महावीर और अन्य लोगों ने लाठी-डंडे तथा सरिया लेकर हमला करने और जान से मारने की कोशिश की। हालांकि मौके पर मौजूद रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर उन्हें घर के अंदर सुरक्षित किया। महिला का यह भी आरोप है कि दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया गया।
कब्जामुक्त कराने और सुरक्षा की मांग
प्रार्थिनी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में दिए गए शिकायती पत्र में प्रशासन से मांग की है कि संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, उसके पैतृक मकान को कब्जामुक्त कराया जाए तथा उसे और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
(नोट: समाचार में वर्णित आरोप प्रार्थिनी द्वारा दिए गए शिकायती पत्र पर आधारित हैं। मामले में प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्ष का पक्ष आना शेष है।)
