मुरादाबाद, संभल और अमरोहा के बदमाशों ने डाली थी हापुड़ के उद्योगपति के यहां दो करोड़ की डकैती, सिपाही समेत पांच गिरफ्तार
लव इंडिया, हापुड़। हापुड़ के थाना देहात क्षेत्र स्थित गिरधारी नगर में उद्योगपति नरेंद्र अग्रवाल के घर हुई करीब दो करोड़ रुपये की डकैती का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। सोमवार को पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि डकैती की साजिश मुरादाबाद, संभल और अमरोहा के बदमाशों ने मिलकर रची थी। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों को गिरफ्तार किया, जबकि तीन अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया गया। खुलासे पर पुलिस टीम को ₹25,000 का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। इसमें साजिश करने वाला सीतापुर का सिपाही भी शामिल है।
इसी 1 जून को उद्योगपति के यहां पड़ी थी डकैती

पुलिस अधीक्षक कुमार ज्ञानंजय सिंह ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 1 जून 2026 को थाना हापुड़ देहात क्षेत्र के गिरधारी नगर स्थित उद्योगपति नरेंद्र अग्रवाल के घर परिवार और चौकीदार को बंधक बनाकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया गया था।चार हथियारबंद आरोपितों ने नरेंद्र अग्रवाल, उनकी पत्नी सुशीला अग्रवाल, पौत्र सिद्धांत और चौकीदार श्याम कुमार को गन प्वाइंट पर लेकर उनके हाथ-पैर बांध दिए और एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद आभूषण व नकदी समेत दो करोड़ रुपये का माल लूटकर फरार हो गए थे।घटना के अनावरण के लिए थाना हापुड़ देहात और स्वाट टीम की संयुक्त टीमें गठित की गई थीं।
700 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई

घटना के बाद सात पुलिस टीमों का गठन किया गया और करीब 700 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
ऐसे रची गई थी डकैती की साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात की सूचना और रेकी का इनपुट एक पुलिसकर्मी से मिला था, जो वर्तमान में सीतापुर में तैनात है। उक्त सिपाही के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और निलंबन की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस के मुताबिक यह सिपाही पूर्व में भी धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में जेल जा चुका है।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें उद्योगपति के घर में नकदी और आभूषण होने की जानकारी पहले से थी। कई महीनों तक घर की रेकी की गई और फिर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया।
मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपी
मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपी

साहिबे आलम पुत्र सलीम हुसैन निवासी ग्राम मोहम्मदपुर बस्तौर, सम्भल रोड, जिला मुरादाबाद (घायल)
रोहित सागर पुत्र विजय सिंह निवासी बसंत विहार, बलदेवपुरी, थाना कटघर, जिला मुरादाबाद (घायल)
अन्य गिरफ्तार आरोपी
गुड्डू आलम पुत्र कल्लू निवासी रुस्तमपुर सराय, थाना मैनाठेर, जिला मुरादाबाद
टिंकू पुत्र सत्यपाल (राजमिस्त्री) निवासी ग्राम इचावड़ा डींगरखेड़ा, थाना देहपा, जनपद सम्भल
विक्की गौतम (सिपाही) पुत्र जगदीश निवासी ग्राम जलीलपुर, थाना अमरोहा देहात, जनपद अमरोहा
24 लाख नकद और शत प्रतिशत आभूषण बरामदगी

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 24 लाख रुपए नकद, सोने के आभूषण, 10 सफेद चांदी के सिक्के, 4 मोबाइल फोन, 4 अवैध तमंचे .315 बोर व 6 जिंदा कारतूस, 4 खोखा कारतूस 2 मोटरसाइकिल
बरामद की हैं। इस मामले में सबसे खास वजह है कि उद्योगपति के यहां से जितने जेवरात गए थे वह सब के सब बरामद हुए हैं।
कई महीनों तक की गई रेकी
पुलिस जांच में सामने आया कि बदमाशों ने घटना से पहले कई महीनों तक व्यापारी के घर की रेकी की थी। घर में आने-जाने वाले लोगों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाने के बाद वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस का मानना है कि गिरोह को घर में रखी नकदी और आभूषणों की सटीक जानकारी पहले से थी।
कुल सात बदमाशों के गैंग ने दिया इस डकैती को अंजाम
पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह ने बताया, सिपाही विक्की गौतम पहले प्रतिबंधित मुद्रा ले जाने के मामले में जेल गया था। जेल में ही सिपाही विक्की गौतम की मुलाकात साहिबे आलम और गुड्डू आलम से हुई थी। इसके बाद राजमिस्त्री सतपाल के बेटे टिंकू की बड़े माल मिलने की सूचना पर साहिबे आलम और गुड्डू ने अपने अन्य साथियों को इस पूरे मामले की जानकारी दी। अभी तक की जांच में मिली जानकारी के मुताबिक कुल सात लोगों के गैंग ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया था। श्याम और मोहित की गिरफ्तारी शेष है। जल्द ही इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस टीम को मिली बड़ी सफलता
घटना के खुलासे में थाना हापुड़ देहात पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई अहम रही। इसमें थाना हापुड़ देहात टीम में निरीक्षक पीतम सिंह (थाना प्रभारी), उपनिरीक्षक सत्यपाल सिंह, उपनिरीक्षक नरेन्द्र शर्मा, उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह, उपनिरीक्षक कुलदीप चौधरी, हेड कांस्टेबल गोविंद कुमार, कांस्टेबल राहुल कुमार, कांस्टेबल जावेद सिंह
कांस्टेबल सोनू कुमार, कांस्टेबल मनोज कुमार व कांस्टेबल अंकित कुमार रहे जबकि स्वाट टीम में उपनिरीक्षक जतिन शर्मा (प्रभारी), उपनिरीक्षक संगम खत्री, हेड कांस्टेबल अतुल कुमार, हेड कांस्टेबल विनीत मलिक, कांस्टेबल नरेश कुमार, कांस्टेबल मोंटी ठाकुर, कांस्टेबल सतेंद्र कुमार, कांस्टेबल कुलदीप कुमार, कांस्टेबल विजय कुमार, कांस्टेबल राहुल कुमार, कांस्टेबल रजत शर्मा, हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा व कांस्टेबल बृजेंद्र कुमार शामिल रहे।
बदमाशों की कुंडली खंगाल रही पुलिस ताकि अपराधों को रोका जा सके
पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से घटना का सफल अनावरण किया गया है। मामले में अन्य संभावित आरोपियों और सहयोगियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का लक्ष्य पूरे गिरोह तक पहुंचना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
