मिशन-2027 का शंखनाद: ठाकुरद्वारा की विजय संकल्प महारैली में गरजे जयंत चौधरी, बोले- NDA मजबूत, CBSE विवाद पर टेक्नोलॉजी ही समाधान

मुरादाबाद/ठाकुरद्वारा। राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय कौशल विकास तथा उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने गुरुवार को ठाकुरद्वारा में आयोजित विजय संकल्प महारैली के माध्यम से मिशन-2027 का राजनीतिक संदेश दिया। रैली में उन्होंने किसानों, युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी, वहीं मीडिया से बातचीत में सीबीएसई परीक्षा प्रबंधन, राहुल गांधी के बयान और आगामी विधानसभा चुनावों पर भी प्रतिक्रिया दी।

रैली को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों और युवाओं के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने हाल ही में प्रस्तावित गन्ना नियंत्रण संशोधन मसौदे को वापस लिए जाने को किसानों की सामूहिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि किसानों और खांडसारी उद्योग से जुड़े लोगों की राय को गंभीरता से लिया गया, जिसके बाद सरकार ने व्यापक जनहित में मसौदा वापस लेने का निर्णय लिया।

जयंत चौधरी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का किसान देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ है। जब तक किसान समृद्ध नहीं होगा, तब तक देश के समग्र विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने किसानों को समय पर भुगतान, सिंचाई, बिजली और बढ़ती लागत जैसी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करने का भरोसा दिलाया।

युवाओं को दिया उद्यमिता का संदेश

केंद्रीय मंत्री ने युवाओं से केवल नौकरी तलाशने के बजाय उद्यमी बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से कृषि आधारित लघु उद्योगों, सेवा क्षेत्र और डिजिटल कारोबार में अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि यदि युवा स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ेंगे तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और गांवों से होने वाला पलायन भी कम होगा।

CBSE प्रकरण पर बोले- तकनीक का बेहतर उपयोग जरूरी

रैली के बाद मीडिया से बातचीत में जयंत चौधरी ने सीबीएसई से जुड़े हालिया विवाद और परीक्षा प्रणाली पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में तकनीक का व्यापक और प्रभावी उपयोग समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, “हम लगातार सुधार के प्रयासों में लगे हुए हैं। मेरे अपने बच्चे भी इसी व्यवस्था का हिस्सा हैं। यदि इस बार कहीं अधिक त्रुटियां हुई हैं तो निश्चित रूप से उनका मूल्यांकन होगा और सुधार भी किया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि तकनीक ऐसा माध्यम है जिससे बचा नहीं जा सकता। जरूरत इस बात की है कि सिस्टम को तकनीक के अनुरूप मजबूत और सक्षम बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो।

राहुल गांधी के बयान पर भी दिया जवाब

राहुल गांधी द्वारा एक वर्ष के भीतर मोदी सरकार गिरने संबंधी बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में जयंत चौधरी ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत राजनीतिक आकलन हो सकता है।

उन्होंने कहा, “वह किस आधार पर ऐसा कह रहे हैं, यह वही बेहतर बता सकते हैं। मुझे नहीं पता कि उनके कान में किसने क्या कहा है। लेकिन इतना जरूर है कि यह एनडीए की मजबूत सरकार है और हालिया चुनावी परिणाम भी जनता की मंशा स्पष्ट कर रहे हैं।”

2027 में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर साधा संतुलित रुख

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में संभावित सपा-कांग्रेस गठबंधन के सवाल पर जयंत चौधरी ने कहा कि चुनाव में अभी काफी समय बाकी है और वर्तमान में उनका पूरा ध्यान संगठन विस्तार, किसानों के मुद्दों और युवाओं के भविष्य पर केंद्रित है।

बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता

ठाकुरद्वारा में आयोजित विजय संकल्प महारैली में रालोद के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी संख्या मौजूद रही। कार्यक्रम में पूर्व विधायक विजय यादव, राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, जिला अध्यक्ष मनोज चौधरी, मंडल अध्यक्ष सरजीत सिंह, अरुण चौहान, सलीम अंसारी एडवोकेट, रोमिश यादव, शाहनवाज मलिक सहित अनेक नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रैली के दौरान जयंत चौधरी का जोरदार स्वागत किया गया और मिशन-2027 को लेकर संगठनात्मक रणनीति पर भी चर्चा की गई।

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