मुहर्रम का चांद नजर आया, 27 जून को मनाया जाएगा यौमे आशूरा

लव इंडिया सम्भल। मरकजी रुयते हिलाल कमेटी की बैठक में मुहर्रम का चांद नजर आने की पुष्टि के बाद इस्लामी नए साल की शुरुआत का ऐलान कर दिया गया। इसके साथ ही मुहर्रम माह की पहली तारीख 17 जून से शुरू होने और यौमे आशूरा 27 जून को मनाए जाने की घोषणा की गई।

मरकजी मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम में आयोजित बैठक की अध्यक्षता काजी-ए-शरह मुफ़्ती मेहबूब वास्ती ने की। बैठक में शहर के उलेमा, धर्मगुरुओं और सामाजिक जिम्मेदार लोगों ने हिस्सा लिया। चांद दिखने की पुष्टि के बाद कमेटी की ओर से आधिकारिक घोषणा जारी की गई।

उलेमा ने बताया कि मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और इसकी विशेष धार्मिक महत्ता है। यौमे आशूरा के अवसर पर मुस्लिम समाज में इबादत, रोजा और जिक्र की महफिलों का आयोजन किया जाता है।

कमेटी ने लोगों से अपील की है कि घोषित तारीखों के अनुसार धार्मिक कार्यक्रमों, मजालिस और रोजों का आयोजन करें तथा आपसी भाईचारे और अमन-चैन का संदेश दें।

बैठक में कारी तनजीम अशरफ अजमली, मुफ़्ती आलम नूरी, मुफ़्ती हसीब अख्तर, मौलाना कारी राशिद रिजवी, इमाम-ए-ईदगाह मौलाना जहीरुल इस्लाम, मुफ़्ती आफताब, मौलाना शरीफ लतीफी, मौलाना शमशाद, ख्वाजा कलीम अशरफ सहित बड़ी संख्या में उलेमा और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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