मुरादाबाद: रंगदारी के आरोप में कथित किसान नेता हिरासत में

एसएसपी कार्यालय के बाहर पुलिस से हुई नोकझोंक, हिरासत में लेने के दौरान सड़क पर लेटने का वीडियो/दृश्य चर्चा में

लव इंडिया, मुरादाबाद। कचहरी स्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने गुरुवार को उस समय हंगामा हो गया, जब सिविल लाइंस थाना पुलिस ने रंगदारी मांगने के मामले में नामजद बताए जा रहे एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान हरथला क्षेत्र निवासी जितेंद्र बिश्नोई के रूप में बताई गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भगवा रंग का कुर्ता पहने जितेंद्र बिश्नोई को पुलिस अपने साथ थाने ले जाने का प्रयास कर रही थी। इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से काफी देर तक नोकझोंक हुई। बताया गया कि उन्होंने अपनी गिरफ्तारी का विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों से तीखी बहस की। पुलिस द्वारा उन्हें वाहन में बैठाने का प्रयास किए जाने पर वह कथित तौर पर जमीन पर लेट गए।

घटना के दौरान एसएसपी कार्यालय के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। बाद में पुलिसकर्मी उन्हें वाहन में बैठाकर सिविल लाइंस थाने ले गए।

ज्वेलर्स से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप

पुलिस से प्राप्त जानकारी के आधार पर बताया गया है कि मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित रोहित बिश्नोई ज्वेलर्स से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के रूप में शीतल ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि जितेंद्र बिश्नोई दुकान पर पहुंचे और उनके पति से कथित तौर पर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रकम नहीं देने पर व्यापार बंद कराने तथा जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, कथित भय के कारण उसी समय 15 हजार रुपये दिए गए और बाद में अलग-अलग मौकों पर करीब एक लाख रुपये दिए जाने का भी दावा किया गया है।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया है कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज तथा फोन कॉल से जुड़े अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं। इन दावों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

एसएसपी कार्यालय के बाहर हुआ हंगामा

बताया गया कि पुलिस को गुरुवार को सूचना मिली कि रंगदारी के मामले में आरोपी बताया जा रहा व्यक्ति एसएसपी कार्यालय के सामने मौजूद है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे पूछताछ के लिए थाने चलने को कहा।

इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई। पुलिस द्वारा समझाने के बावजूद जब वह वाहन में बैठने को तैयार नहीं हुआ तो पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर वाहन में बैठाया। घटना देखने के लिए मौके पर काफी लोग जमा हो गए।

अलग-अलग राजनीतिक संगठनों से जुड़ने की चर्चा

स्थानीय लोगों के बीच जितेंद्र बिश्नोई के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़ाव को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कुछ लोगों ने उन्हें किसान संगठन से जुड़ा बताया, जबकि उनके अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े होने के दावे भी सामने आए। इसमें कांग्रेस और भाजपा भी शामिल है।

हालांकि, इन राजनीतिक संबद्धताओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। हिरासत में लिए जाने के दौरान जितेंद्र बिश्नोई ने पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दबाव का आरोप भी लगाया।

पुलिस जांच में सामने आएगा पूरा मामला

समाचार लिखे जाने तक जितेंद्र बिश्नोई को सिविल लाइंस थाने ले जाकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई। रंगदारी के आरोप, कथित रूप से दी गई रकम, सीसीटीवी फुटेज और कॉल से जुड़े साक्ष्यों की पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

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