ई-पंजीकरण और रजिस्ट्री के निजीकरण के विरोध में छठे दिन भी ठप रहा कामकाज, अधिवक्ताओं के आंदोलन को मिला व्यापक समर्थन

विधायक कमाल अख्तर पहुंचे धरना स्थल, विधानसभा में मुद्दा उठाने का दिया भरोसा

लव इंडिया, मुरादाबाद। रजिस्ट्री कार्यालय में ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू करने, रजिस्ट्री संबंधी कार्यों को निजी कंपनियों को सौंपने, मानकीकृत मूल्य सूची लागू करने, किरायानामा एवं पट्टा विलेखों की ऑनलाइन डिजिटल स्टांपिंग तथा प्रस्तावित निबंधन मित्र योजना के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों और टाइपिस्टों का आंदोलन लगातार जारी है। शुक्रवार को आंदोलन के छठे दिन भी रजिस्ट्री कार्यालय में कामकाज प्रभावित रहा और रजिस्ट्री से संबंधित कोई कार्य नहीं हो सका।

दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी, मुरादाबाद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता और टाइपिस्ट रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और धरना-प्रदर्शन कर सरकार के निर्णयों का विरोध जताया।

टैक्स बार एसोसिएशनों ने दिया समर्थन

आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली जब जोनल टैक्स बार एसोसिएशन और मुरादाबाद टैक्स बार एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पर पहुंचे। जोनल टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सैय्यद आरिफ अली और महासचिव अनुज गुप्ता तथा मुरादाबाद टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश चंद्र गुप्ता, सचिव अमर शर्मा, सचिव जिया और संयुक्त सचिव यासर इरफान ने अपनी-अपनी संस्थाओं की ओर से समर्थन पत्र सौंपा।

प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी मुरादाबाद का आंदोलन जारी रहेगा, तब तक उनकी संस्थाएं भी आंदोलनकारियों के साथ खड़ी रहेंगी।

विधायक कमाल अख्तर ने जताया समर्थन

धरना स्थल पर कांठ विधानसभा क्षेत्र के विधायक कमाल अख्तर भी पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों और टाइपिस्टों की मांगों को सुनने के बाद आंदोलन को समर्थन देने का आश्वासन दिया।

विधायक ने कहा कि यदि किसी निर्णय से हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होती है तो उस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया जाएगा और संबंधित पक्षों की आवाज सरकार तक पहुंचाई जाएगी।

ज्ञापन सौंपकर निर्णय वापस लेने की मांग

इस दौरान दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी, मुरादाबाद के महासचिव कपिल गुप्ता एडवोकेट और अन्य पदाधिकारियों ने विधायक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ई-पंजीकरण व्यवस्था, रजिस्ट्री कार्यों के निजीकरण, मानकीकृत मूल्य सूची, ऑनलाइन डिजिटल स्टांपिंग तथा निबंधन मित्र योजना को वापस लेने की मांग की गई।

महासचिव कपिल गुप्ता ने कहा कि रजिस्ट्री व्यवस्था का निजीकरण छोटे व्यवसायों, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और अन्य संबंधित लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समुदाय और इससे जुड़े विभिन्न वर्ग इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे अधिवक्ता और स्टांप विक्रेता

धरना-प्रदर्शन में मोहम्मद इस्लाम उर्फ बाबू, मलिक अंसारी, आजम कातिब, अंजार हुसैन, अजय बंसल, आवरण अग्रवाल, आशीष उपाध्याय, रमा पांडेय, जितेंद्र प्रताप सिंह, पंकज शर्मा, अशोक सक्सेना, अभिषेक भटनागर, विश्वास गुंबर, अभिनव भट्ट, अजय पाल, राघव गुप्ता, फिरोज आलम, सुनील कुमार सक्सेना, दीपिका वर्मा, गोपाल कृष्ण द्विवेदी, रेनू गुप्ता, योगेंद्र सिंह, राजेश कुमार, प्रदीप ठाकुर, तरुण उपाध्याय, त्रिलोकचंद्र दिवाकर, राजेश दयाल, शाहिस्ता परवीन, प्रतीक गोयल, सौरभ चक्रवर्ती, मुकुल माहौर सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

इसके अलावा स्टांप वेंडर एसोसिएशन की ओर से नितिन रस्तोगी, हरिराम तथा कातिब एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार रस्तोगी, महासचिव नदीमुद्दीन, विनय गुप्ता, दुलहा खान, गुलजार हुसैन, विवेक मिश्रा, फुरकान अहमद, आजम, अंशु और सलीम खान समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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