लगातार बारिश से खेती पर बढ़ा संकट: धान-गन्ने को राहत लेकिन सब्जियों पर मंडराया नुकसान का साया; बढ़ सकते हैं दाम
उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने एक ओर किसानों को राहत दी है तो दूसरी ओर कई फसलों और सब्जियों के लिए चिंता भी बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह लगातार बारिश होती रही तो खेतों में जलभराव बढ़ सकता है, जिससे सब्जियों और बागवानी फसलों को सबसे अधिक नुकसान होगा। इसके चलते आने वाले दिनों में सब्जियों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। वहीं भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है।

इन फसलों को हो सकता है सबसे ज्यादा नुकसान
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बारिश से टमाटर, मिर्च, भिंडी, लौकी, तोरई, करेला, बैंगन, खीरा, ककड़ी, गोभी, फूलगोभी और पत्तेदार सब्जियों में सड़न, फफूंद और जड़ गलन (रूट रॉट) का खतरा बढ़ जाता है। खेतों में पानी भरने से पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है और उत्पादन घट सकता है। कृषि मौसम सलाह में भी भारी बारिश के दौरान खेतों से जल निकासी सुनिश्चित करने और उर्वरक तथा कीटनाशकों के प्रयोग को टालने की सलाह दी गई है।
धान और गन्ने को मिलेगा फायदा, लेकिन जलभराव से नुकसान संभव
धान की रोपाई के लिए यह बारिश लाभकारी मानी जा रही है और गन्ने की फसल को भी पर्याप्त नमी मिल रही है। हालांकि यदि खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहा तो धान की नर्सरी और गन्ने की फसल में भी रोग बढ़ सकते हैं तथा पौधों की जड़ें प्रभावित हो सकती है।

आम, अमरूद और अन्य बागवानी फसलों पर भी असर
लगातार वर्षा और तेज हवा से आम, अमरूद तथा अन्य फलदार पेड़ों पर लगे फल गिरने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही फूल और छोटी फलियां झड़ने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। भारी बारिश और तेज हवा से शाखाएं टूटने का भी जोखिम रहता है।
क्या बढ़ेंगे सब्जियों के दाम?
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरा रहा और मंडियों तक सब्जियों की आवक प्रभावित हुई तो टमाटर, हरी मिर्च, भिंडी, लौकी, करेला, बैंगन, धनिया और पत्तेदार सब्जियों की कीमतों में तेजी आ सकती है। खराब मौसम से कटाई, परिवहन और आपूर्ति प्रभावित होने पर खुदरा बाजार में दाम बढ़ना सामान्य बात है। खाद्य आपूर्ति पर मौसम का प्रभाव महंगाई को भी प्रभावित कर सकता है।

किसानों को क्या सलाह?
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखें, भारी बारिश के दौरान कीटनाशक और उर्वरकों का छिड़काव न करें तथा सब्जियों और बागवानी फसलों की नियमित निगरानी करें। जहां संभव हो, जलभराव वाले खेतों से पानी तुरंत निकालने की व्यवस्था करें ताकि फसलों को नुकसान कम से कम हो।
