12% से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना पर्चे नहीं मिलेंगी, सरकार ने कड़े किए नियम
लव इंडिया, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली कुछ ओरल (मुंह से ली जाने वाली) दवाओं की बिक्री पर सख्ती करते हुए बड़ा फैसला लिया है। नए नियम के तहत 30 मिलीलीटर से बड़ी पैकिंग और 12% से अधिक अल्कोहल वाली ओरल दवाओं को अब Schedule H1 के दायरे में लाया गया है। इसके बाद ऐसी दवाएं बिना पंजीकृत चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन (पर्चे) के नहीं बेची जा सकेंगी। यह निर्णय इन दवाओं के दुरुपयोग और अनियंत्रित बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।
नए नियम लागू होने के बाद मेडिकल स्टोर संचालकों को ऐसी दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। दवा के पैकेट पर निर्धारित चेतावनी (Warning Label) लगाना भी अनिवार्य होगा। फार्मासिस्ट को डॉक्टर के पर्चे के आधार पर ही दवा उपलब्ध करानी होगी और बिक्री का विवरण नियमानुसार सुरक्षित रखना होगा।
सरकार का कहना है कि कुछ अल्कोहलयुक्त कफ सिरप और अन्य ओरल दवाओं के दुरुपयोग की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन्हें नशे के उद्देश्य से भी इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आने के बाद नियमन को और सख्त किया गया है। नए प्रावधान से ऐसी दवाओं की उपलब्धता नियंत्रित होगी और मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही दवा मिल सकेगी।
मरीजों और मेडिकल स्टोर पर क्या होगा असर?
-12% से अधिक अल्कोहल वाली निर्धारित ओरल दवाएं अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी।
-मेडिकल स्टोर को बिक्री का अलग रजिस्टर/रिकॉर्ड रखना होगा।
-दवा पर निर्धारित चेतावनी लेबल लगाना अनिवार्य होगा।
-नियमों का उल्लंघन करने पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से दवाओं के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने और मरीजों की सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार पहले भी दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए विभिन्न दवाओं को Schedule H1 के दायरे में ला चुकी है।
