मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की मुलाकात, मंडल स्तरीय न्यायालयों की स्थापना की मांग
लव इंडिया, मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुरादाबाद प्रवास के दौरान दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी, मुरादाबाद के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे शिष्टाचार भेंट कर अधिवक्ताओं और आमजन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता एडवोकेट और महासचिव कपिल गुप्ता एडवोकेट ने किया।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि मुरादाबाद जिले से अमरोहा और संभल अलग जिले बनने के बाद न्यायिक कार्यक्षेत्र विभाजित हो गया है। ऐसे में मुरादाबाद में मंडल स्तरीय न्यायालयों की स्थापना आवश्यक हो गई है, जिससे अधिवक्ताओं को अधिक अवसर मिलेंगे और आम नागरिकों को विभिन्न न्यायिक कार्यों के लिए दूसरे शहरों की अनावश्यक यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
बार एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री के समक्ष ऋण वसूली अधिकरण (डीआरटी) की स्थापना की मांग रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्तमान में मुरादाबाद मंडल के लोगों को डीआरटी से संबंधित मामलों के लिए देहरादून जाना पड़ता है। इसके अलावा विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (इनकम टैक्स) न्यायालय की स्थापना की भी मांग की गई, क्योंकि इस संबंध में लोगों को कानपुर जाना पड़ता है।
इसके साथ ही आर्थिक अपराधों से जुड़े विशेष न्यायालयों सहित अन्य मंडल स्तरीय न्यायालयों की स्थापना का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया, ताकि न्यायिक सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें।
प्रतिनिधिमंडल ने मुरादाबाद कचहरी में अधिवक्ताओं के लिए चैंबरों की कमी का मुद्दा भी उठाया और इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए बहुमंजिला अधिवक्ता चैंबर भवन के निर्माण की मांग की।
बैठक के दौरान अध्यक्ष और महासचिव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 4 जून 2026 को महानिरीक्षक निबंधन द्वारा जारी ई-पंजीकरण संबंधी आदेश को वापस लेने के निर्णय पर आभार भी व्यक्त किया। उनका कहना था कि इस निर्णय से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों को बड़ी राहत मिली है।
