TMU में LLB के students इस साल से पढ़ेंगे नए श्रम कानून

लव इंडिया मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के लॉ कॉलेज में यूजी और इंटीग्रेटिड कोर्सेज़ में प्रवेश लेने वाले स्टुडेंट्स के लिए गुड न्यूज़ है, वे इस साल से नए श्रम कानूनों का गहनता से अध्ययन करेंगे, क्योंकि नए श्रम कानूनों को पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को बदलते श्रम कानूनों की गहरी समझ प्रदान करना और उन्हें व्यावसायिक रूप से अधिक सक्षम बनाना है।

ख़ास बातें
राष्ट्रीय स्तर पर बदलते श्रम कानूनों की छात्रों में बेहतर समझ विकसित होगी
चार श्रम संहिताओं के अध्ययन से स्टुडेंट्स होंगे लाभान्वितः प्रो. हरबंश दीक्षित
टीएमयू सदैव आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धः प्रो. एसके सिंह

उल्लेखनीय है, देश में हाल ही में लागू की गई चार प्रमुख श्रम संहिताएं कोड ऑन वेजेज़-2019, इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड- 2020, सोशल सिक्योरिटी कोड- 2020 और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडिशंस कोड- 2020 लागू की गई हैं। टीएमयू में स्टुडेंट्स को अब ये चारों प्रमुख श्रम संहिताएं विस्तार से पढ़ाई जाएंगी। टीएमयू में एलएलबी तीन वर्षीय कोर्स के संग-संग बीबीए-एलएलबी, बीकॉम-एलएलबी की कक्षाएं संचालित होती हैं। विधि संकाय के डीन प्रो हरबंश दीक्षित बताते हैं, कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ में एलएलएम और पीएचडी की भी सुविधा है।

प्रो. दीक्षित बताते हैं, इन नए कानूनों के तहत वेतन की परिभाषा को एकरूप किया गया है, असंगठित एवं गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गई है तथा कार्यस्थल की सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को सुदृढ़ किया गया है। साथ ही 29 पुराने श्रम कानूनों को समेकित कर प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। नए श्रम कानूनों का अध्ययन छात्रों को वर्तमान कानूनी परिदृश्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और उनके करियर के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

प्राचार्य प्रो. सुशील कुमार सिंह ने कहा, टीएमयू सदैव आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। इन कानूनों की पढ़ाई से छात्र न केवल सैद्धांतिक बल्कि व्यावहारिक रूप से भी दक्ष बनेंगे। इस पहल से विधि संकाय के छात्रों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बदलते श्रम कानूनों की बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।

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