पाकबड़ा के चर्चित कारोबारी कुलदीप गुप्ता हत्याकांड में ममेरे- तेहरे तीन भाइयों को उम्रकैद

पांच साल पुराने अपहरण और हत्या के मामले में अदालत का फैसला, तीनों दोषियों पर 1.20-1.20 लाख रुपये का जुर्माना

मुरादाबाद। पाकबड़ा के चर्चित कारोबारी कुलदीप गुप्ता के अपहरण और हत्या के करीब पांच वर्ष पुराने मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1 अनिल कुमार की अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत के फैसले के अनुसार दोषियों में नंद किशोर उर्फ नन्दू, कर्मवीर उर्फ भोलू और रनवीर उर्फ नन्हें शामिल हैं। तीनों आरोपी रिश्ते में सगे ममेरे- तेहरे भाई हैं।

चार जून 2021 से लापता थे कुलदीप

मामला वर्ष 2021 का है। दिल्ली रोड स्थित मिलन विहार निवासी कारोबारी कुलदीप गुप्ता पाकबड़ा में आटा-पार्ट्स की दुकान चलाते थे। उनके भाई संजीव गुप्ता ने कुलदीप के लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। मामले में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, घटना वाले दिन कुलदीप ने अपनी पत्नी से संपर्क कर पुराने कर्मचारी मुस्तफा को चार लाख रुपये देने की बात कही थी। इसके बाद वह अपने परिचित नंदू उर्फ नंदकिशोर के साथ अस्पताल जाने की बात कहकर निकले थे।

एंबुलेंस में ले जाकर हत्या का आरोप

अभियोजन के अनुसार, कुलदीप को एंबुलेंस के माध्यम से बिजनौर के गंगाधरपुर गांव की ओर ले जाया गया। आरोप है कि वहां उनकी हत्या करने के बाद शव सड़क किनारे फेंक दिया गया।

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से लोहे की रॉड सहित नकदी बरामद होने की बात भी सामने आई थी। बाद में एक अन्य आरोपी रनवीर ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से कथित तौर पर फिरौती की रकम और अन्य सामान बरामद करने का दावा किया था। मामले में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद सुनवाई शुरू हुई।

अदालत में पेश किए गए साक्ष्य

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपियों के खिलाफ गवाहों और अन्य साक्ष्यों को अदालत के समक्ष रखा गया। बचाव पक्ष ने भी अपने तर्क प्रस्तुत किए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद नंद किशोर, कर्मवीर और रनवीर को अपहरण एवं हत्या के मामले में दोषी माना और तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। तीनों आरोपी रिश्ते में ममेरे- तेहरे भाई हैं।

प्रत्येक दोषी पर 1.20 लाख रुपये जुर्माना

अदालत ने तीनों दोषियों पर एक-एक लाख 20 हजार रुपये, यानी कुल 3.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आदेश के अनुसार जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने जुर्माने की निर्धारित राशि में से 75 प्रतिशत धनराशि मृतक की पत्नी को दिए जाने का आदेश भी दिया है।

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