प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर संभल में ईवीमय हुई 24 कोसीय परिक्रमा

लव इंडिया, संभल। 24 कोसीय मासिक परिक्रमा समिति के तत्वावधान में आयोजित मासिक परिक्रमा इस बार आध्यात्मिक चेतना, पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के विशेष संदेश के साथ संपन्न हुई। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ ऊर्जा एवं हरित परिवहन के आह्वान को धरातल पर उतारते हुए समिति के आह्वान पर सैकड़ों श्रद्धालु ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक स्कूटर, इलेक्ट्रिक कारों तथा पैदल यात्रा के माध्यम से प्रातः श्री वंशगोपाल तीर्थ, बेनीपुर पर एकत्रित हुए।

समिति ने इस अवसर पर संभल की पौराणिक एवं धार्मिक पहचान, पावन 68 तीर्थों और 19 प्राचीन कूपों के संरक्षण, संवर्धन और जनजागरण का संदेश भी प्रमुखता से दिया। श्रद्धालुओं ने कहा कि जिस प्रकार तीर्थों और प्राचीन धरोहरों का संरक्षण आवश्यक है, उसी प्रकार प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण भी वर्तमान समय की आवश्यकता है।
श्रद्धालुओं ने वंशगोपाल तीर्थ पर स्थित शिवलिंग का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। महंत भगवद्प्रिय जी महाराज ने भव्य आरती के पश्चात परिक्रमा को रवाना किया। ई-रिक्शाओं में सवार महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन किए जाने से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

परिक्रमा भुवनेश्वर तीर्थ पहुँची, जहाँ श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। पंडित मुकेश शर्मा ने रुद्राष्टकम का पाठ कराते हुए पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इसके बाद परिक्रमा फिरोजपुर स्थित चामुंडा मंदिर होते हुए क्षेमनाथ समाधि, नैमिषारण्य तीर्थ पहुँची, जहाँ बाल योगी दीनानाथ जी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
इसके उपरांत परिक्रमा भवानीपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुँची। यहाँ भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की तथा मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था की गई।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष हरेंद्र चौधरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों द्वारा आयोजित यह परिक्रमा आध्यात्मिकता और पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे एक ओर श्रद्धालु धार्मिक स्थलों से जुड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे ई-रिक्शा चालकों को रोजगार मिलेगा और डीजल-पेट्रोल की खपत में कमी आएगी। राम किशन ठकराल ने कहा कि खुले वातावरण में इलेक्ट्रिक वाहनों द्वारा परिक्रमा करने से श्रद्धालुओं को ब्रज क्षेत्र जैसी दिव्य अनुभूति प्राप्त होती है। इसके बाद परिक्रमा चंद्रेश्वर मंदिर, चंदायन पहुँची, जहाँ श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के पवित्र शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।


अंत में परिक्रमा अपने समापन स्थल श्री वंशगोपाल तीर्थ पहुँची, जहाँ सामूहिक पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
समिति अध्यक्ष राज कुमार शर्मा ने स्वयं ई-रिक्शा चलाकर परिक्रमा रथ का नेतृत्व किया और आस्था, पर्यावरण संरक्षण तथा ईंधन बचत का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संभल की 68 पावन तीर्थों और 19 कूपों की धार्मिक विरासत को संरक्षित करना तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना समिति का प्रमुख उद्देश्य है। इसी के साथ स्वच्छ और हरित परिवहन को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।


मुकेश शर्मा ने बताया कि इस विशेष परिक्रमा का उद्देश्य लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पेट्रोल-डीजल आधारित वाहनों के उपयोग को कम करने का संदेश देना था। जसपाल सिंह ने बताया कि इस बार परिक्रमा में शामिल विशेष रथ भी पूर्णतः इलेक्ट्रिक वाहन पर आधारित था, जो समाज को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की प्रेरणा दे रहा है। सरिता गुप्ता एवं सीमा आर्य ने कहा कि महिलाओं और बच्चों ने इलेक्ट्रिक वाहनों द्वारा की गई इस परिक्रमा का भरपूर आनंद लिया तथा पर्यावरण संरक्षण के इस संदेश का स्वागत किया।


इस अवसर पर राज कुमार शर्मा, सौरभ गुप्ता, जसपाल सिंह, मुकेश शर्मा, राम किशन ठकराल, शोभित गुप्ता ,अंकित अग्रवाल, राजेंद्र सिंह, राजू टेंट, नितिन गुप्ता, राकेश वार्ष्णेय, अर्जुन सिंह, रवि, सरिता गुप्ता, सीमा आर्य, हेमा गुप्ता, अंशु शर्मा, शिव कुमार, अनंत अग्रवाल, विष्णु सिंह, विक्रम खुराना सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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