Information and Broadcasting Ministry का बड़ा फैसला: न्यूज चैनलों की TRP रिपोर्टिंग पर 4 हफ्ते की रोक


लव इंडिया, नई दिल्ली। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश के न्यूज टीवी चैनलों की टीआरपी (Television Rating Points) रिपोर्टिंग पर अस्थायी रोक लगाने का निर्देश जारी किया है। मंत्रालय ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) को आदेश दिया है कि वह न्यूज चैनलों की टीआरपी रिपोर्टिंग को तत्काल प्रभाव से चार सप्ताह के लिए रोक दे।


मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यह फैसला सार्वजनिक हित में लिया गया है। आदेश में कहा गया है कि मौजूदा समय में चल रहे इजराइल–ईरान संघर्ष के बीच कुछ न्यूज चैनलों द्वारा सनसनीखेज और अटकलों पर आधारित खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिससे आम जनता में घबराहट फैलने की आशंका है।

📄 मंत्रालय का आधिकारिक निर्देश


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के बीपी एंड एल (Broadcasting Policy & Legislation) प्रभाग की ओर से 6 मार्च 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि टीवी रेटिंग एजेंसियों के लिए निर्धारित 2014 की नीति दिशानिर्देशों के तहत मंत्रालय को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अधिकार है।


आदेश में कहा गया है कि मंत्रालय के संज्ञान में आया है कि कुछ न्यूज चैनल संघर्ष से जुड़ी खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर और बिना पुष्ट जानकारी के प्रसारित कर रहे हैं। इससे लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम पैदा हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने BARC को निर्देश दिया है कि न्यूज टीवी चैनलों की TRP रिपोर्टिंग चार सप्ताह तक रोक दी जाए या अगले आदेश तक इसे स्थगित रखा जाए।


📊 TRP रिपोर्टिंग क्यों रोकी गई


विशेषज्ञों के अनुसार TRP रिपोर्टिंग पर रोक लगाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि न्यूज चैनल रेटिंग बढ़ाने की होड़ में सनसनीखेज खबरें न दिखाएं। कई बार टीआरपी बढ़ाने के दबाव में चैनल अटकलों और अपुष्ट सूचनाओं को बढ़ावा देते हैं, जिससे दर्शकों में भ्रम और चिंता फैल सकती है।


📺 न्यूज चैनलों पर पड़ेगा असर


चार सप्ताह के लिए टीआरपी रिपोर्टिंग बंद होने से न्यूज चैनलों की साप्ताहिक रैंकिंग जारी नहीं होगी। इससे विज्ञापन बाजार और चैनलों की प्रतिस्पर्धा पर भी कुछ समय के लिए प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला अस्थायी और सार्वजनिक हित में लिया गया है।

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