अज़ादारों ने शहीदाने-कर्बला, हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 जानिसारों की याद में ताज़ियों की ज़ियारत कर पेश किया ख़िराज-ए-अकीदत
मुरादाबाद में गम, अकीदत और एहतराम के साथ ताज़ियों के जुलूस निकले

सुहैल खां, लव इंडिया, मुरादाबाद। दस मोहर्रम (यौमे आशूरा) के अवसर पर मुरादाबाद शहर में गम, अकीदत और एहतराम के साथ ताज़ियों के जुलूस निकाले गए।

शहर के विभिन्न मोहल्लों में बड़ी संख्या में अज़ादारों ने शहीदाने-कर्बला, हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके 72 जानिसारों की याद में ताज़ियों की ज़ियारत की और ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया।

कंबल के ताज़िये पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी। परंपरा के अनुसार लोगों ने ताज़िये को सलाम किया। इस दौरान पूर्व सांसद डॉ. एस.टी. हसन, कुंदरकी के विधायक नासिर कुरैशी, जिलाधिकारी राजेंद्र पैसिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल, पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रणविजय सिंह तथा ताज़िया कमेटी के पदाधिकारियों ने भी ताज़िये को हाथ लगाकर अपनी अकीदत का इज़हार किया। इसके बाद मोहर्रम का जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से रवाना हुआ।

वहीं किसरौल मोहल्ले में स्थापित चांदी के ताज़िये की ज़ियारत के लिए भी बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे। महिलाओं और बच्चों सहित लोगों ने ताज़िये की ज़ियारत कर मुल्क में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ की।

इसके अलावा झब्बू नाला क्षेत्र में पारंपरिक सरसों के ताज़िये भी तैयार किए गए, जिन्हें देखने और ज़ियारत करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। शहर के विभिन्न हिस्सों में ताज़ियों के जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकाले गए।

मोहर्रम के मद्देनज़र पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार जुलूस मार्गों का निरीक्षण करते रहे। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हुए।

यौमे आशूरा पर अज़ादारों ने नौहाख्वानी, मातम और दुआ के जरिए कर्बला के शहीदों को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया तथा इंसानियत, सब्र, कुर्बानी और भाईचारे के पैगाम को याद किया।

