चंद्रशेखर आजाद के सपनों का भारत बनाने का हिंदू जागृति मंच ने लिया संकल्प

लव इंडिया संभल

चंद्रशेखर आजाद के जन्म से 23 जुलाई का दिन सदैव के लिए अमर हो गया। उनके बलिदान को याद करते हुए हिंदू जागृति मंच के तत्वावधान में नगर के तिरंगा मार्केट में “आजाद जयंती” के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में “चंद्रशेखर आजाद के सपनों का भारत” बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत हिंदू जागृति मंच के पदाधिकारियों सुभाष चंद्र शर्मा, दुर्वेश सैनी, अजय कुमार शर्मा, सुबोध कुमार गुप्ता, उमेश सैनी, शलभ रस्तोगी, सुनीता यादव आदि द्वारा अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं माल्यार्पण कर की गई।

हिंदू जागृति मंच के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा ने कहा कि 23 जुलाई को मध्य प्रदेश के भाबरा ग्राम में जन्म लेकर चंद्रशेखर आजाद ने जो क्रांति की मशाल जलाई, वह भारतवर्ष को आजाद कराने में ज्वालामुखी सिद्ध हुई।

हिंदू जागृति महिला मंच की संरक्षक सुनीता यादव ने कहा कि इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में अंग्रेजी सैनिकों से युद्ध करते-करते जब चंद्रशेखर आजाद के पास एक ही गोली बची, तो उन्होंने उसे अपने सिर में मारकर कहा “मैं जीवन भर आजाद रहा हूं, आजाद ही रहूंगा।” ऐसे साहसी, पराक्रमी, दृढ़ निश्चयी महान आत्मा को हर हिंदुस्तानी का शत-शत नमन है।

सुभाष चंद्र शर्मा ने स्वरचित कविता पाठ कर चंद्रशेखर आजाद को “अमर सेनानी, अतुल्य बलिदानी और भारत माता का सच्चा सपूत” बताकर विचार गोष्ठी में जोश और उत्साह का संचार किया।

हिंदू जागृति मंच के प्रदेश महामंत्री सुबोध कुमार गुप्ता ने कहा कि आजाद जी के समय भारत को बम और तलवार की आवश्यकता थी, जिसका उन्होंने उपयोग कर भारत माता को आजाद कराया। लेकिन आज भारत माता को कलम और शिक्षा की आवश्यकता है। आजाद जी के सपनों के अनुसार हमें प्रत्येक युवा को शिक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाना है।

इस अवसर पर उमेश सैनी, अरविंद शंकर शुक्ला, सत्यवीर सिंह, शलभ रस्तोगी, रजनीश कुमार, प्रताप सिंह, राजेंद्र सिंह, नोमान प्रधान आदि वक्ताओं ने सांडर्स हत्याकांड, काकोरी कांड सहित अनेक क्रांतिकारी कार्यों में चंद्रशेखर आजाद की भूमिका का वर्णन करते हुए उन्हें आज के युवा का आदर्श बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उमेश सैनी ने की तथा संचालन शलभ रस्तोगी ने किया।

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