भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में 12 महिलाएं, यूपी से 8 चेहरे; स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी
लव इंडिया, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 17 अगस्त 2026 को पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर दी है। नई व्यवस्था में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री, कोषाध्यक्ष और संगठन से जुड़े पदों के साथ विभिन्न मोर्चों तथा मीडिया-सोशल मीडिया की जिम्मेदारियां भी बांटी गई हैं। उपलब्ध घोषित सूची में कुल 65 राष्ट्रीय पदाधिकारी/संगठनात्मक जिम्मेदारियां दिखाई देती हैं। इनमें 12 महिलाएं हैं, यानी करीब 18.5 प्रतिशत।
यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे भाजपा की पूरी राष्ट्रीय कार्यकारिणी न समझा जाए। यह पार्टी की राष्ट्रीय पदाधिकारियों और संबंधित संगठनात्मक जिम्मेदारियों की नई टीम है। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का दायरा इससे अलग और बड़ा होता है।
यूपी की हिस्सेदारी कितनी?
नई टीम में उत्तर प्रदेश से कम से कम 8 पदाधिकारी सीधे सूचीबद्ध हैं। इनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा और प्रो. तारिक मंसूर, राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी, राष्ट्रीय मंत्री डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष अमरपाल मौर्य तथा अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष कुंवर बासित अली शामिल हैं।
यूपी के लिहाज से सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने का है। अमेठी लोकसभा चुनाव 2024 में हार के बाद उनकी राष्ट्रीय संगठन में वापसी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किस प्रदेश को कितनी भागीदारी?
घोषित 65 नामों को उनके सूचीबद्ध प्रदेश/स्थान के आधार पर गिनने पर तस्वीर इस प्रकार बनती है। मुंबई को महाराष्ट्र में जोड़ा गया है, जबकि दस्तावेज में संगठन से जुड़े एक पद के लिए चंडीगढ़ अलग से दर्ज है।
प्रदेश/स्थान……पदाधिकारियों की संख्या
दिल्ली. ……..10
उत्तर प्रदेश. ……..8
मध्य प्रदेश. ……..6
महाराष्ट्र. ……..5
राजस्थान. ……..4
उत्तराखंड. ……..4
गुजरात. ……..4
बिहार. ……..3
ओडिशा. ……..2
आंध्र प्रदेश. ……..2
पंजाब. ……..2
पश्चिम बंगाल. ……..2
हरियाणा. ……..2
केरल. ……..2
छत्तीसगढ़. ……..2
कर्नाटक. ……..1
चंडीगढ़. ……..1
त्रिपुरा. ……..1
झारखंड. ……..1
नागालैंड. ……..1
तमिलनाडु. ……..1
असम. ……..1
यह गणना घोषित पूरी सूची को आधार बनाकर की गई है।
पूरी सूची: कौन बने राष्ट्रीय पदाधिकारी?

- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष — 13
वसुंधरा राजे सिंधिया — राजस्थान
तीरथ सिंह रावत — उत्तराखंड
राम माधव — दिल्ली
बैजयंत जय पांडा — ओडिशा
डी. पुरंदेश्वरी — आंध्र प्रदेश
रेखा वर्मा — उत्तर प्रदेश
वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी — गुजरात
डॉ. भारती प्रवीण पवार — महाराष्ट्र
मनप्रीत सिंह बादल — पंजाब
लाल सिंह आर्य — मध्य प्रदेश
प्रो. एम. नागराजा — कर्नाटक
प्रो. तारिक मंसूर — उत्तर प्रदेश
डॉ. मधुचंद्र कर — पश्चिम बंगाल। - इन 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में 6 महिलाएं हैं—वसुंधरा राजे, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन दोशी, डॉ. भारती पवार और डॉ. मधुचंद्र कर। यानी केवल इस पद पर ही महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 46.2 प्रतिशत है।
- संगठन के शीर्ष पद
बी.एल. संतोष — राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन), दिल्ली
शिवप्रकाश — राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन), मुंबई
सौदान सिंह — राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन), चंडीगढ़। - राष्ट्रीय महामंत्री — 8
विनोद तावड़े — महाराष्ट्र
सुनील बंसल — दिल्ली
बिप्लब कुमार देब — त्रिपुरा
स्मृति ईरानी — उत्तर प्रदेश
सतीश पूनिया — राजस्थान
गजेंद्र पटेल — मध्य प्रदेश
हरीश द्विवेदी — उत्तर प्रदेश
संजय भाटिया — हरियाणा। - राष्ट्रीय मंत्री — 16
कविता पाटीदार — मध्य प्रदेश
के. सुरेंद्रन — केरल
डॉ. भोला सिंह — उत्तर प्रदेश
डॉ. प्रदीप वर्मा — झारखंड
जगदीश ईश्वरभाई पटेल — गुजरात
डॉ. संदीप पाठक — दिल्ली
फांगनॉन कोन्याक — नागालैंड
संगीता यादव — उत्तर प्रदेश
अनिल एंटनी — केरल
डॉ. एम. वेंकटेशन — तमिलनाडु
मनोज तिग्गा — पश्चिम बंगाल
सिद्धार्थ शंभू — बिहार
डॉ. स्वदेश सिंह — दिल्ली
मृगांका देव बर्मन — असम
रोहन गुप्ता — गुजरात
जय प्रकाश — दिल्ली। - कोष एवं केंद्रीय कार्यालय
पीयूष गोयल — राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, महाराष्ट्र
राजेश मंगल — राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष, राजस्थान
तरुण चुग — केंद्रीय कार्यालय प्रभारी, पंजाब
महेंद्र पांडे — केंद्रीय कार्यालय मंत्री, उत्तराखंड। - नॉर्थ ईस्ट एवं प्रकोष्ठ
डॉ. संबित पात्रा — नॉर्थ ईस्ट संयोजक, ओडिशा
राजीव बब्बर — नॉर्थ ईस्ट सह-संयोजक, दिल्ली
विष्णु दत्त शर्मा — प्रकोष्ठ संकुल संयोजक, मध्य प्रदेश
ऋतुराज सिन्हा — प्रकोष्ठ संकुल सह-संयोजक, बिहार
विष्णु वर्धन रेड्डी — प्रकोष्ठ संकुल सह-संयोजक, आंध्र प्रदेश। - विभिन्न मोर्चों की जिम्मेदारी
डॉ. हेमंग जोशी — युवा मोर्चा अध्यक्ष, गुजरात
रूप कुमारी चौधरी — महिला मोर्चा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़
अमरपाल मौर्य — ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश
बंसीलाल गुर्जर — किसान मोर्चा अध्यक्ष, मध्य प्रदेश
शिवेश कुमार राम — एससी मोर्चा अध्यक्ष, बिहार
मन्नालाल रावत — एसटी मोर्चा अध्यक्ष, राजस्थान
कुंवर बासित अली — अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश। - मीडिया और सोशल मीडिया
अनिल बलूनी — मीडिया संयोजक, उत्तराखंड
आशीष उषा अग्रवाल — मीडिया सह-संयोजक, मध्य प्रदेश
प्रदीप भंडारी — मीडिया सह-संयोजक, दिल्ली
सिद्धार्थ यादव — मीडिया सह-संयोजक, दिल्ली
दीपक म्हास्के — सोशल मीडिया संयोजक, छत्तीसगढ़
प्रीति गांधी — सोशल मीडिया सह-संयोजक, महाराष्ट्र
शिवानंद द्विवेदी — सोशल मीडिया सह-संयोजक, दिल्ली
आलोक भट्ट — सोशल मीडिया सह-संयोजक, उत्तराखंड
अरुण यादव — सोशल मीडिया सह-संयोजक, हरियाणा।
महिलाओं की भागीदारी: 12 चेहरे, करीब 18.5%
पूरी घोषित 65 सदस्यीय सूची को आधार मानें तो 12 महिलाएं नई टीम में शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से वसुंधरा राजे, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन दोशी, भारती पवार, मधुचंद्र कर, स्मृति ईरानी, कविता पाटीदार, फांगनॉन कोन्याक, संगीता यादव, रूप कुमारी चौधरी और प्रीति गांधी शामिल हैं। यह कुल सूची का लगभग 18.5% बैठता है।
हालांकि यह भी ध्यान देने योग्य है कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व सभी श्रेणियों में समान नहीं है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर 6/13 यानी लगभग 46% महिलाएं हैं, जबकि राष्ट्रीय महामंत्री पद पर केवल स्मृति ईरानी महिला चेहरा हैं।
कितने पुराने चेहरों की वापसी?
इस नई टीम की सबसे चर्चित बात स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी है। स्मृति ईरानी को फिर से राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है, जबकि राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। दोनों पहले भी भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुके हैं। मीडिया रिपोर्टों ने भी इन दोनों को प्रमुख comeback faces के रूप में रेखांकित किया है।
वसुंधरा राजे और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर पार्टी ने अनुभव को भी बनाए रखा है। वहीं सौदान सिंह और शिवप्रकाश जैसे संगठन के अनुभवी चेहरों को संगठनात्मक ढांचे में बरकरार रखा गया है। इसलिए यदि “वापसी” का अर्थ पूर्व राष्ट्रीय पद से हटने के बाद दोबारा राष्ट्रीय टीम में आना लिया जाए, तो स्पष्ट रूप से सामने आने वाली बड़ी वापसी 2—स्मृति ईरानी और राम माधव की है।
राजनीतिक संदेश क्या?
नई टीम में अनुभव और संगठनात्मक निरंतरता के साथ क्षेत्रीय संतुलन दिखाई देता है। उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा 8 प्रत्यक्ष हिस्सेदारियां मिली हैं, जबकि दिल्ली 10 नामों के साथ सबसे ऊपर है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और उत्तराखंड को भी मजबूत प्रतिनिधित्व मिला है।
खास बात यह है कि भाजपा ने एक तरफ वसुंधरा राजे, राम माधव, स्मृति ईरानी और पीयूष गोयल जैसे अनुभवी चेहरों को प्रमुख भूमिका दी है, तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय सचिवों और विभिन्न मोर्चों में नए/उभरते चेहरों को जगह दी है। इसे 2027 सहित आने वाले चुनावों से पहले संगठन को पुनर्गठित करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के लिए यह टीम इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने राष्ट्रीय संगठन में प्रदेश के आठ चेहरों को जगह दी है। नितिन नवीन पहले ही यूपी के सांसदों से मुलाकात कर जमीनी राजनीतिक फीडबैक ले चुके हैं और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी पर जोर दे रहे हैं।
