यूपी में जन्म और मृत्यु पंजीकरण के लिए नई व्यवस्था लागू, 21 दिन के भीतर सूचना देना अनिवार्य

लव इंडिया, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से नई नियमावली लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत किसी भी जन्म, मृत्यु अथवा मृत-जन्म की सूचना घटना के 21 दिनों के भीतर संबंधित प्राधिकारी को देना अनिवार्य होगा।


सरकारी व्यवस्था के अनुसार निर्धारित अवधि के भीतर पंजीकरण कराने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। यदि पंजीकरण 21 दिन के बाद और 30 दिन के भीतर कराया जाता है तो विलंब शुल्क देना होगा। इसके बाद अधिक देरी होने पर सक्षम अधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी और निर्धारित शुल्क जमा करना पड़ेगा।


नई व्यवस्था में ऑनलाइन आवेदन, रिकॉर्ड का डिजिटल संरक्षण, त्रुटि संशोधन तथा प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करने में कम समय लगे तथा अभिलेख सुरक्षित रूप से उपलब्ध रहें।


विशेषज्ञों का कहना है कि जन्म प्रमाणपत्र शिक्षा, पहचान और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जबकि मृत्यु प्रमाणपत्र उत्तराधिकार, बैंकिंग और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक होता है।

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