ईद मिलादुन्नबी के आयोजन में भाजपा MLC को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर उठे सवाल, सपा सांसद रुचि वीरा का नाम नहीं

डॉ. एसटी हसन की कमेटी के आमंत्रण पत्र को लेकर मुरादाबाद में सियासी चर्चा तेज
लव इंडिया मुरादाबाद। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र को लेकर मुरादाबाद की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है। खुद्दामे गुलामाने ताजदारे मदीना कमेटी की ओर से जारी आमंत्रण पत्र में 26 अगस्त को आईजीसी चौक, मुरादाबाद में आयोजित होने वाले अजीमुश्शान जलसा-ए-आम में भाजपा के विधान परिषद सदस्य डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

आमंत्रण पत्र में कमेटी के अध्यक्ष के रूप में पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन का नाम दर्ज है। वहीं मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र की मौजूदा सपा सांसद रुचि वीरा का नाम इस आमंत्रण पत्र में नजर नहीं आ रहा है। यही बात अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। रुचि वीरा वर्तमान में मुरादाबाद से लोकसभा सांसद हैं।
भाजपा नेता को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर सवाल

कार्यक्रम के कार्ड के मुताबिक 26 अगस्त 2026 को दोपहर दो बजे आईजीसी चौक पर जलसा-ए-आम आयोजित किया जाएगा। इसमें डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त समेत अन्य अतिथियों के नाम भी दिए गए हैं।
डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त भाजपा से जुड़े विधान परिषद सदस्य हैं और मुरादाबाद में भाजपा के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। हाल में भी उन्होंने भाजपा महानगर के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया था।
ऐसे में मुस्लिम समाज से जुड़े आयोजन में भाजपा के एक प्रमुख जनप्रतिनिधि को मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
रुचि वीरा का नाम न होना भी बना चर्चा का विषय

दूसरी ओर, मुरादाबाद की मौजूदा सपा सांसद रुचि वीरा का नाम आमंत्रण पत्र में नहीं है। यह स्थिति इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे पहले भी मुरादाबाद की सियासत में डॉ. एसटी हसन और रुचि वीरा के बीच राजनीतिक दूरी को लेकर चर्चाएं सामने आती रही हैं।
जनवरी 2026 में डॉ. एसटी हसन की बेटी के विवाह समारोह में भाजपा नेताओं की मौजूदगी और सांसद रुचि वीरा की गैरमौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हुई थी। हालांकि उस समय डॉ. एसटी हसन के करीबी नेताओं ने इसे निजी कार्यक्रम बताते हुए राजनीतिक अर्थ निकालने से बचने की बात कही थी।
क्या यह सिर्फ सामाजिक सौहार्द या सियासी संदेश?

आमंत्रण पत्र सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा नेता को मुख्य अतिथि बनाना सामाजिक सौहार्द और सभी दलों के लोगों को साथ लेकर चलने की पहल है या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश भी है?
डॉ. एसटी हसन सार्वजनिक जीवन में लंबे समय से विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के संपर्क में रहे हैं। ऐसे में भाजपा नेता को धार्मिक-सामाजिक आयोजन में आमंत्रित किया जाना एक तरफ जहां राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर संवाद की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है, वहीं दूसरी ओर उनके राजनीतिक विरोधियों के बीच इसे लेकर सवाल भी उठना स्वाभाविक है।
पहले भी भाजपा नेताओं के साथ दिखे हैं एसटी हसन

डॉ. एसटी हसन के निजी कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं की मौजूदगी पहले भी चर्चा में रही है। जनवरी 2026 में उनकी बेटी के विवाह समारोह में भाजपा के कई नेताओं के शामिल होने की रिपोर्ट सामने आई थी। उस समय भी इसे लेकर मुरादाबाद के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं हुई थीं।

हालांकि इसे सीधे किसी राजनीतिक गठजोड़ का प्रमाण मानना उचित नहीं होगा। वास्तविक राजनीतिक अर्थ क्या है, यह डॉ. एसटी हसन या उनकी कमेटी की ओर से स्पष्टीकरण आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल ईद मिलादुन्नबी के आमंत्रण पत्र में भाजपा के विधान परिषद सदस्य डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त का मुख्य अतिथि के रूप में नाम और सपा सांसद रुचि वीरा का नाम न होना मुरादाबाद की स्थानीय राजनीति में चर्चा का नया विषय बन गया है।
