तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी- सीसीएसआईटी में अब में तैयार होंगे डिजिटल मीडिया और एनीमेशन के एक्सपर्ट
लव इंडिया मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद ने एनीमेशन एवम् डिजिटल मीडिया स्टुडेंट्स के लिए बड़ा उपहार दिया है। कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी- सीसीएसआईटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमएससी-एनीमेशन कार्यक्रम का शुभारम्भ हो गया है।
ख़ास बात यह है, एमएससी-एनीमेशन में प्रवेश के लिए किसी भी स्ट्रीम के यूजी पासआउट आमंत्रित हैं। यह नया पीजी प्रोग्राम टीएमयू के चांसलर श्री सुरेश जैन की दूरदर्शी सोच का प्रतिफल है। ग्रुप वाइस चेयरमैन श्री मनीष जैन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन बोले, टीएमयू युवाओं के सपनों में रंग भरने के प्रति संकल्पित है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य स्टुडेंट्स को एनीमेशन, डिजिटल मीडिया और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में उच्च स्तरीय शिक्षा के संग-संग विशेषज्ञता प्रदान करना है।
उल्लेखनीय है कि सीसीएसआईटी ने वर्ष 2011 में बीएससी-एनीमेशन कार्यक्रम की शुरुआत की थी। एनीमेशन प्रोग्राम लगभग शत-प्रतिशत प्लेसमेंट रिकॉर्ड के लिए जाना जाता है। एनीमेशन, गेमिंग, मल्टीमीडिया, विजुअल इफेक्ट्स, ग्राफिक डिज़ाइन और डिजिटल मीडिया उद्योगों में टीएमयू के सैकड़ों स्टुडेंट्स अपने हुनर दिखा रहे हैं। कुलपति प्रो. वीके जैन और डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने उम्मीद जताई, एमएससी-एनीमेशन कार्यक्रम से रोजगार और करियर की असीम संभावनाएं खुल जाएंगी।
ख़ास बातें नया पीजी प्रोग्राम टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन की दूरदर्शी सोच का प्रतिफल जीवीसी श्री मनीष जैन और ईडी अक्षत जैन बोले, युवाओं के सपनों में भरेंगे रंग सीओई डीन प्रो. आरके द्विवेदी बोले, टीएमयू बनेगा एनीमेशन में उच्च शिक्षा का केंद्र सीसीएसआईटी ने वर्ष 2011 में की थी बीएससी-एनीमेशन कार्यक्रम की शुरुआत
वर्तमान समय में एनीमेशन विश्व के सबसे तेजी से विकसित होने वाले उद्योगों में से एक है। फिल्म निर्माण, ओटीटी प्लेटफॉर्म, टेलीविजन, विज्ञापन, गेमिंग, डिजिटल मार्केटिंग, ई-लर्निंग, स्वास्थ्य सेवाओं तथा कॉर्पाेरेट प्रशिक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में एनीमेशन और विजुअल इफेक्ट्स का व्यापक उपयोग हो रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर), वर्चुअल रियलिटी (वीआर) और मेटावर्स जैसी आधुनिक तकनीकों ने इस क्षेत्र के दायरे को और अधिक विस्तृत कर दिया है।
एमएससी-एनीमेशन कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य स्टुडेंट्स को उन्नत तकनीकी ज्ञान, रचनात्मक कौशल, अनुसंधान क्षमता तथा उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना है ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें। कार्यक्रम के अंतर्गत स्टुडेंट्स को 2डी एवं 3डी एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स), मोशन ग्राफिक्स, कैरेक्टर डिज़ाइन, गेम डेवलपमेंट, मल्टीमीडिया प्रोडक्शन, यूआई/यूएक्स डिज़ाइन, एआर, वीआर तथा डिजिटल कंटेंट निर्माण जैसे आधुनिक विषयों का गहन अध्ययन कराया जाएगा।
कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी कहते हैं, कार्यक्रम पूर्ण करने के बाद स्टुडेंट्स एनीमेशन आर्टिस्ट, वीएफएक्स स्पेशलिस्ट, गेम डिज़ाइनर, मोशन ग्राफिक्स डिज़ाइनर, मल्टीमीडिया डेवलपर, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर, यूआई/यूएक्स डिज़ाइनर, क्रिएटिव डायरेक्टर, डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ और शोधकर्ता के रूप में कार्य कर सकेंगे।
इसके अतिरिक्त वे राष्ट्रीय एवम् अंतर्राष्ट्रीय स्तर की एनीमेशन स्टूडियो, फिल्म निर्माण कंपनियों, गेमिंग संगठनों, विज्ञापन एजेंसियों, डिजिटल मार्केटिंग कंपनियों तथा ई-लर्निंग संस्थानों में आकर्षक करियर बना सकेंगे। प्रो. द्विवेदी कहते हैं, आज शिक्षा, विपणन, कॉर्पाेरेट संचार, चिकित्सा, पर्यटन, रक्षा जैसे क्षेत्रों में भी एनीमेशन आधारित समाधानों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, इसीलिए अब टीएमयू को भी एनीमेशन में उच्च शिक्षा का केन्द्र बनाएंगे।