गंगा एक्सप्रेस-वे पर बिछेगी हरियाली की चादर, गुलमोहर और अमलतास के रंगों से महकेगा सफर
लव इंडिया, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल गंगा एक्सप्रेस-वे को अब हरियाली और रंग-बिरंगे फूलों से भी सजाया जाएगा। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर बड़े पैमाने पर पौधारोपण की तैयारी शुरू हो गई है, ताकि यात्रियों को तेज धूप से राहत मिलने के साथ-साथ प्राकृतिक और मनमोहक वातावरण का अनुभव भी हो सके।
वन विभाग ने प्रयागराज जिले से गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे के हिस्से में पौधारोपण की विस्तृत योजना तैयार कर ली है। इस योजना के तहत छायादार, फलदार और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पौधों के साथ गुलमोहर और अमलतास जैसे आकर्षक फूलों वाले वृक्ष भी लगाए जाएंगे।
यात्रा बनेगी अधिक आरामदायक और खूबसूरत

अभी तक एक्सप्रेस-वे के कई हिस्सों में हरियाली का अभाव दिखाई देता है। गर्मियों के मौसम में तेज धूप और खुले क्षेत्र के कारण सफर अपेक्षाकृत नीरस महसूस होता है। प्रस्तावित पौधारोपण के बाद सड़क के किनारे हरे-भरे वृक्षों की कतारें विकसित होंगी, जिससे यात्रियों को प्राकृतिक छाया, बेहतर वातावरण और सुंदर दृश्य देखने को मिलेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि गुलमोहर के लाल और अमलतास के सुनहरे फूल एक्सप्रेस-वे की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देंगे। फूल खिलने के मौसम में पूरा मार्ग रंग-बिरंगे प्राकृतिक दृश्य प्रस्तुत करेगा।
12 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाए जाएंगे हजारों पौधे

प्रयागराज जिले की सीमा में गंगा एक्सप्रेस-वे का लगभग 16 किलोमीटर हिस्सा आता है। यहां वन विभाग ने करीब 12 हेक्टेयर भूमि को पौधारोपण के लिए चिन्हित किया है।
इस क्षेत्र में लगभग 12 हजार पौधे लगाने की तैयारी की जा रही है। इनमें—
- अर्जुन
- जामुन
- पीपल
- बरगद
- पाकड़
- नीम
- गुलमोहर
- अमलतास
सहित कई अन्य उपयोगी एवं पर्यावरण हितैषी प्रजातियां शामिल हैं।
वैज्ञानिक तरीके से होगा पौधारोपण

वन विभाग पौधों को वैज्ञानिक मानकों के अनुसार लगाएगा। बड़े आकार वाले वृक्षों जैसे पीपल और बरगद के बीच पर्याप्त दूरी रखी जाएगी, ताकि भविष्य में उनके विकास में कोई बाधा न आए।
पौधों की रोपाई इस प्रकार की जाएगी कि सड़क किनारे एक व्यवस्थित हरित पट्टी विकसित हो सके। अधिकांश पौधे विभागीय नर्सरियों में पहले से तैयार किए जा रहे हैं।
यूपीडा देगा बजट, 10 वर्षों तक होगी देखरेख
गंगा एक्सप्रेस-वे के हरित विकास के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) वन विभाग को पौधारोपण और रखरखाव के लिए बजट उपलब्ध कराएगा।
इस योजना के तहत केवल पौधे लगाने तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि 10 वर्षों तक उनकी नियमित देखभाल, सिंचाई, सुरक्षा और संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि लगाए गए पौधे पूरी तरह विकसित होकर स्थायी हरित पट्टी का रूप ले सकें।
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों के अनुसार एक्सप्रेस-वे के किनारे बड़े पैमाने पर पौधारोपण से वायु गुणवत्ता में सुधार, धूल नियंत्रण, तापमान में कमी, जैव विविधता का संरक्षण और कार्बन अवशोषण जैसे कई पर्यावरणीय लाभ मिलेंगे। साथ ही यह परियोजना भविष्य में प्रदेश के अन्य एक्सप्रेस-वे के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।
गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित होने वाली यह हरित पट्टी न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी, बल्कि यात्रियों को भी एक सुरक्षित, सुखद और यादगार यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी।
