लीडरशिप लेसन्स फ्रॉम रियल लाइफ एग्जाम्पल्स… पर गूगल मीट के माध्यम से राष्ट्रीय वेबिनार


लव इंडिया मुरादाबाद। भारतीय प्रशिक्षण एवं विकास संस्था (आईएसटीडी), मुरादाबाद चैप्टर एवं तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “लीडरशिप लेसन्स फ्रॉम रियल लाइफ एग्जाम्पल्स” विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का सफल आयोजन गूगल मीट के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वास्तविक जीवन के अनुभवों के आधार पर नेतृत्व के व्यावहारिक पहलुओं, मानव संसाधन प्रबंधन तथा वैश्विक कार्य संस्कृति की चुनौतियों एवं उनके समाधानों को समझना था। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

आईएसटीडी, मुरादाबाद चैप्टर के वाइस चेयरमैन डॉ. अमित कंसल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बताया कि यह 12 माह की राष्ट्रीय वेबिनार श्रृंखला का तीसरा सत्र है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम प्रतिभागियों को उद्योग जगत के अनुभवी विशेषज्ञों से सीखने एवं अपने दृष्टिकोण को व्यापक बनाने का अवसर प्रदान करते हैं। मुख्य वक्ता श्री अमित गोस्वामी, वाइस प्रेसिडेंट, एचएसबीसी, ने अपने 22 वर्षों के व्यावसायिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि नेतृत्व केवल लोगों का प्रबंधन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नए नेताओं का निर्माण करने की एक सतत प्रक्रिया है।

उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बीच नेतृत्व की बदलती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता, प्रभावी संवाद तथा अनुकूलनशीलता का महत्व और अधिक बढ़ गया है। अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री नभगन पाणि ने कहा कि मानव संसाधन (एचआर) प्रबंधकों को केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संगठन के रणनीतिक साझेदार के रूप में कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एचआर पेशेवरों की सफलता संगठन की परिचालन गतिविधियों, उत्पादन, विपणन तथा संसाधन प्रबंधन की गहन समझ पर निर्भर करती है। आईएसटीडी, मुरादाबाद चैप्टर के सेक्रेटरी प्रो. विपिन जैन ने अपने उद्बोधन में नवाचार एवं प्रभावी नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठनात्मक सफलता के लिए तकनीक, टीमवर्क तथा दूरदर्शी नेतृत्व का समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कर्मचारियों की व्यक्तिगत एवं पारिवारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लचीली कार्य व्यवस्था अपनाने तथा कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमित कंसल द्वारा किया गया।

इस अवसर पर प्रो. विपिन जैन, डॉ. मोहित रस्तोगी, डॉ. अमित कंसल सहित विभिन्न शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान डॉ. मोहित रस्तोगी ने मुख्य वक्ता का परिचय प्रस्तुत किया। अपने समापन उद्बोधन में उन्होंने कहा कि प्रभावी नेतृत्व अनुभव, संवेदनशीलता, धैर्य तथा निरंतर सीखने की प्रक्रिया से विकसित होता है। अंत में सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक आयोजनों के माध्यम से नेतृत्व विकास को प्रोत्साहित करने का संकल्प दोहराया गया।

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