Bajaj Auto Credit Pvt Ltd के स्वामी- फाइनेंसर समेत सात कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा

किस्तें जमा होने के बावजूद फाइनेंस कंपनी ने ऑटो जब्त किया, मारपीट का आरोप


उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। मुरादाबाद जनपद के थाना मैनाठेर में एक ऑटो चालक की तहरीर पर फाइनेंस कंपनी के संचालकों और कर्मचारियों के खिलाफ मारपीट, जबरन वाहन कब्जे में लेने और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि किस्तें समय से जमा होने के बावजूद ऑटो को बीच रास्ते से छीन लिया गया, जिसके बाद पीड़ित गंभीर रूप से बीमार हो गया। पुलिस ने मामले में विधिक धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी है।


मामले की पृष्ठभूमि: डाउन पेमेंट देकर खरीदा था ऑटो

वादी नवयुग (उम्र 25 वर्ष), पुत्र छत्रपाल सिंह, निवासी बरखेड़ा (महमूदपुर माफी), थाना सोनकपुर, जिला मुरादाबाद ने न्यायालय के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उन्होंने दिनांक 11.12.2024 को बजाज ऑटो क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली रोड, राधा कृष्ण मंदिर के पास, मुरादाबाद से डाउन पेमेंट 65,000 रुपये जमा कर 3 व्हीलर पैसेंजर ऑटो खरीदा था।
वाहन का रजिस्ट्रेशन एआरटीओ सम्भल में कराकर यू.पी. 38 एटी 8207 नंबर दिया गया। मासिक किस्त 10,608 रुपये तय हुई, जिसे वादी अपने लोन खाता संख्या बी- 3डब्ल्यू एम. ओआर 00596846 में जमा कर रहा था।

आरोपी कौन हैं..?


वादी ने निम्न व्यक्तियों को नामजद किया है:
गौरव खन्ना (उम्र 35 वर्ष)
वरुण खन्ना (उम्र 38 वर्ष) – स्वामी, सीएनजी ऑटो बजाज लाइम सराय, सम्भल
पुत्रगण जगमोहन खन्ना
निवासी मकान नंबर ए-2/89, आशीना फेज-2, आरआरके विद्यालय के पास, एमडीए, थाना सिविल लाइंस, जिला मुरादाबाद
भरत नेगी (उम्र 40 वर्ष) – फाइनेंसर, बजाज ऑटो क्रेडिट प्रा. लि.
राजेश ठाकुर (उम्र 30 वर्ष) – पुत्र नामालूम
अभय ठाकुर (उम्र 32 वर्ष) – पुत्र नामालूम
वासु विश्नोई (उम्र 33 वर्ष) – पुत्र नामालूम
कुलदीप यादव (उम्र 28 वर्ष) – पुत्र नामालूम
उपरोक्त में से कुछ आरोपी दिल्ली रोड, राधा कृष्ण मंदिर के पास, मुरादाबाद क्षेत्र से संबद्ध बताए गए हैं।


घटना का विवरण: बीच रास्ते रोका और ऑटो छीन लिया

वादी के अनुसार, दिनांक 23.07.2025 को लगभग 11:30 बजे, जब वह लालपुर बस्तौर चौराहे की ओर जा रहा था, तभी फाइनेंस कंपनी से जुड़े लोग पहुंचे। आरोप है कि:
यात्रियों को जबरन ऑटो से उतार दिया गया। कहा गया कि “किस्त टूट गई है” जबकि वादी का दावा है कि उसकी कोई किस्त बकाया नहीं थी। ऑटो को जबरन कब्जे में ले लिया गया। विरोध करने पर मारपीट और अभद्रता की गई। वादी का कहना है कि उस समय के फोटो उसके पास सुरक्षित हैं।


मारपीट के बाद बिगड़ी तबीयत, हुआ इलाज


घटना के बाद वादी घर चला गया और उसके अनुसार वह एप्लास्टिक एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हो गया। इलाज के बाद जब वह स्वस्थ हुआ और फाइनेंस कंपनी के यार्ड पर अपना ऑटो देखा तो उसकी हालत खराब पाई गई।
वादी का कहना है कि ऑटो ही उसकी जीविका का एकमात्र साधन है। यदि वह वाहन नहीं चलाएगा तो किस्त जमा नहीं कर पाएगा। इसके बावजूद कंपनी द्वारा लगातार किस्त जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है।


पहले भी दी गई थी तहरीर, कार्रवाई नहीं हुई

वादी के अनुसार: 23.07.2025 को थाना मैनाठेर में तहरीर दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 17.01.2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुरादाबाद को डाक द्वारा प्रार्थना पत्र भेजा गया। इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।


कानूनी धाराएं और कोर्ट का हस्तक्षेप


न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र के आधार पर प्रकरण धारा 173(4) BNSS के अंतर्गत दर्ज हुआ है। न्यायालय ने थाना अध्यक्ष मैनाठेर को रिपोर्ट दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना करने के आदेश दिए हैं।


वादी का आरोप: ‘हेकड़ी और दबंगई के बल पर गैरकानूनी कब्जा’


वादी ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने “हेकड़ी और बदमाशी के बल पर” ऑटो को गैरकानूनी तरीके से कब्जे में लिया। इस कृत्य से न केवल आर्थिक नुकसान हुआ बल्कि परिवार को भी जान-माल का खतरा उत्पन्न हुआ।


पुलिस का पक्ष


मैनाठेर थाना पुलिस के अनुसार, न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। सभी पहलुओं — किस्त भुगतान की स्थिति, वाहन कब्जे की वैधानिकता, और मारपीट के आरोप — की जांच की जाएगी।

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