
लव इंडिया, मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के टीएमयू हॉस्पिटल ने एक बार फिर जटिल हृदय रोगों के इलाज में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। हॉस्पिटल के हृदय रोग विभाग की टीम ने 17 वर्षीय अमरोहा निवासी लड़की का बिना चीरा-टांका और बिना बेहोशी के दिल के जन्मजात छेद- पेटेंट डक्टस आर्टीरियोसस का ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।
मरीज दिल में जन्मजात छेद की समस्या से जूझ रही थी। लगभग 1.25 से 1.5 सेंटीमीटर के इस छेद के कारण उसे सांस लेने में कठिनाई होने लगी थी और दिल के फैलने के लक्षण स्पष्ट दिखाई देने लगे ।सामान्य परिस्थितियों में इसका इलाज ओपन हार्ट सर्जरी से किया जाता है, लेकिन मरीज के परिजन ओपन हार्ट सजरी़ के लिए तैयार नहीं थे।
पेशेंट की स्थिति को देखते हुए कन्सल्टेन्ट और सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शलभ अग्रवाल और उनकी टीम ने आधुनिक तकनीक से जांघ की नस के जरिए दूरबीन विधि अपनायी एवं कैथ लैब के अंदर बिना चीरे के एक बटन जैसी विशेष डिवाइस को दिल तक पहुंचाकर सटीक तरीके से छेद को बंद कर दिया। यह जटिल प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही और ऑपरेशन के अगले ही दिन मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर जाने के लिए तैयार हो गई।

खास बात यह रही कि यह पूरी प्रक्रिया आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीज को बिल्कुल निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। डॉ. शलभ अग्रवाल ने कहा कि टीएमयू हॉस्पिटल में अब सभी तरह की जटिल और दुर्लभ हृदय संबंधी बीमारियों का इलाज 24×7 उपलब्ध है। अब मरीजों को इस तरह की अत्याधुनिक सुविधा के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।“
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