आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के आंदोलन के बाद सरकार से वार्ता, लखनऊ में हुई बैठक

लखनऊ/मुरादाबाद। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश के बैनर तले चल रहे आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को लखनऊ स्थित बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय में सरकार और आंगनबाड़ी संगठनों के बीच बैठक हुई, जिसमें उनकी विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई।

संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पिछले कई महीनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन चला रही थीं। इसी क्रम में 8 मार्च को लखनऊ कूच और धरना-प्रदर्शन की घोषणा की गई थी। आंदोलन के दबाव के बाद सरकार ने संगठनों के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकत्रियां लखनऊ पहुंचने की तैयारी में थीं। बताया गया कि प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था। इसके बावजूद आंगनबाड़ी संगठन अपनी मांगों को लेकर डटे रहे और अंततः सरकार को वार्ता के लिए आगे आना पड़ा।

वार्ता में उठीं प्रमुख मांगें


बैठक में आंगनबाड़ी संगठनों ने अपनी 10 प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं, जिनमें मुख्य रूप से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग, मानदेय में वृद्धि,सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और ग्रेच्युटी की व्यवस्था, सहायिका से कार्यकत्री और कार्यकत्री से मुख्यसेविका के पद पर समयबद्ध पदोन्नति, कार्यकत्रियों को 5G स्मार्टफोन और डेटा सुविधा, प्रोत्साहन राशि को नियमित मानदेय में शामिल करना, किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के किराए का भुगतान सीधे भवन स्वामी के खाते में करना, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से अन्य विभागों के कार्य न कराए जाने की मांग, सरकारी बैठकों में शामिल होने पर TA-DA देने की व्यवस्था, समस्याओं के समाधान के लिए नियमित सरकारी बैठक आयोजित करना है।

सरकार का पक्ष

निदेशालय की ओर से बताया गया कि कुछ मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया चल रही है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 5G स्मार्टफोन उपलब्ध कराने और डेटा प्लान के लिए धनराशि जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई। साथ ही अन्य मांगों पर शासन स्तर पर विचार किए जाने की बात कही गई।

आगे भी जारी रहेगा आंदोलन

आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।

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