ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में नहीं पहुंचे मेहमान-ए-खुसूसी भाजपा नेता, सपा सांसद रुचि वीरा भी जुलूस से अलग नजर आईं

उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बुधवार को जीआईसी इंटर कॉलेज से निकले जुलूस-ए-मोहम्मदी में धार्मिक अकीदत के साथ सियासी तस्वीर भी चर्चा का विषय बनी रही। जुलूस में पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन, मुफ्ती मन्नान कलीमी, शोएब हसन पाशा, असलम पंचायती समेत बड़ी संख्या में लोग नजर आए, लेकिन आयोजन से पहले जिन राजनीतिक चेहरों को लेकर चर्चाएं थीं, उनकी मौजूदगी ने पूरे कार्यक्रम का सियासी एंगल बढ़ा दिया।

सबसे ज्यादा चर्चा मेहमान-ए-खुसूसी के तौर पर आमंत्रित भाजपा नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर रही। वहीं, सपा की मौजूदा सांसद रुचि वीरा भी जुलूस में मौजूद तो रहीं, लेकिन जुलूस की मुख्य अगुवाई वाली कतार से अलग नजर आईं। इससे आयोजन में धार्मिक कार्यक्रम के साथ-साथ स्थानीय सियासत के समीकरणों को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।

दरअसल, खुद्दामे गुलामाने ताजदारे मदीना कमेटी के तत्वावधान में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया था। आयोजन से जुड़े कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में डेविड पौल, भाजपा एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, आनंद मोहन गुप्ता एडवोकेट और अमीरुल हसन जाफरी एडवोकेट को मेहमान-ए-खुसूसी के तौर पर सूचीबद्ध किया गया था।

कार्यक्रम के प्रचार को लेकर पहले ही सियासी चर्चा शुरू हो गई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आयोजन के पोस्टर में भाजपा एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त को मुख्य अतिथि बनाए जाने और मौजूदा सपा सांसद रुचि वीरा का नाम नहीं होने को लेकर सपा की स्थानीय राजनीति में सवाल उठे थे।

बुधवार को जुलूस शुरू होने के समय तस्वीर कुछ अलग दिखाई दी। जीआईसी इंटर कॉलेज से जुलूस रवाना हुआ। इसमें मुफ्ती अब्दुल मन्नान कलीमी, पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन, सांसद रुचि वीरा, शोएब हसन पाशा, असलम पंचायती समेत कई लोग शामिल हुए। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ मदरसा जामिया नईमिया, दीवान का बाजार की ओर रवाना हुआ।

रुचि वीरा की मौजूदगी के बावजूद उनका जुलूस से अलग नजर आना भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। हालांकि, उन्होंने इस दूरी को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई राजनीतिक बयान दिया हो, ऐसी पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। इसलिए इसे फिलहाल राजनीतिक नाराजगी या किसी गुट विशेष से दूरी के तौर पर निश्चित रूप से देखना उचित नहीं होगा।

इस पूरे घटनाक्रम की एक और अहम कड़ी सपा की स्थानीय राजनीति है। मुरादाबाद में पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन और मौजूदा सांसद रुचि वीरा के बीच राजनीतिक खींचतान की चर्चा पहले भी सामने आती रही है। हालिया रिपोर्टों में भी दोनों नेताओं के बीच स्थानीय स्तर पर अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों की बात सामने आई है।

उधर, जुलूस में शामिल लोगों ने धार्मिक सौहार्द, अमन और भाईचारे का संदेश दिया। जुलूस में अकीदतमंदों ने दुरूद-ओ-सलाम पेश किया और पूरी शान-ओ-शौकत के साथ जुलूस निकाला गया।

इस तरह मुरादाबाद का ईद मिलादुन्नबी जुलूस धार्मिक आस्था के साथ-साथ शहर की मौजूदा सियासत के लिहाज से भी चर्चा में रहा। भाजपा नेताओं की गैरमौजूदगी और सपा सांसद रुचि वीरा की जुलूस में अलग दिखाई देती मौजूदगी ने आयोजन के राजनीतिक पहलू को और ज्यादा चर्चा में ला दिया।

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