TMU की Physiovision में Experts का Digital Physiotherapy के संग Modern Technologies पर Focus

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से प्रथम अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस फिजियोविज़न 1.0 के समापन समारोह में मेडेनहेड- इंग्लैंड के निदेशक डॉ. सोहराब शर्मा ने मैनुअल थेरेपी के आधुनिकीकरण पर किए अनुभव साझा

लव इंडिया, मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से प्रथम अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस फिजियोविज़न 1.0 के समापन समारोह में नवीनता पुनर्वास उत्कृष्टता से मिलती है थीम पर देश-विदेश के दिग्गजों ने विशेषज्ञ आधुनिक प्रगति, अत्याधुनिक तकनीक और साक्ष्य-आधारित उपचार के एकीकरण पर अपने अनुभव साझा किए। अंतर्राष्ट्रीय वक्ताओं ने चिकित्सा जगत की वर्तमान चुनौतियों और उनके समाधानों पर गहराई से चर्चा की।

बीजेएम हेल्थ की मुख्य सलाहकार फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. भावना आनंद ने क्लिनिक से क्लाउड तक बीजेएम हेल्थ के जरिए फिजियोथेरेपी को पुनर्परिभाषित पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा, अब डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके मरीजों को दूरस्थ रूप से भी बेहतर उपचार प्रदान किया जा सकता है। डॉ. आनंद ने बताया, बीजेएम हेल्थ की मदद से मरीज के प्रारंभिक मूल्यांकन के आधार पर उनकी एक्सरसाइज को रिकॉर्ड किया जा सकता है, जिससे उपचार की सटीक निगरानी और बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा सकते है।

टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन ने फिजियोथेरेपी की एचओडी प्रो. शिवानी एम. कौल को फर्स्ट इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए साधुवाद देते हुए उम्मीद जताई, यह कॉन्फ्रेंस फिजियोथेरेपी स्टुडेंट्स, रिसर्चर्स और फैकल्टीज़ के लिए मील का पत्थर साबित होगी। मेहमानों को स्मृति भेंट किए गए। दो दिनी कॉन्फ्रेंस में 86 उच्च-स्तरीय शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें फिजियोथेरेपी के विभिन्न क्षेत्रों- न्यूरो रिहैबिलिटेशन, मस्कुलोस्केलेटल विकार, खेल चोटें, ऑपरेशन के बाद पुनर्वास, डिजिटल स्वास्थ्य और आधुनिक उपचार तकनीकों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बेहतर उपचार को पेशेवर दक्षता बेहद अनिवार्यः डॉ. उज्मा सैयद
डॉ तरुण अमलनेकर पार्किंसंस रोग प्रबंधन पर विस्तार से बोले
स्टुडेंट्स के लिए मील का पत्थर साबित होगी कॉन्फ्रेंसः प्रो. वीके जैन
इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में विभिन्न विषयों पर 86 शोधपत्र किए प्रजेंट
अतिथियों ने कम्युनिटी हेल्थ पर पुस्तक का भी किया विमोचन

इस मौके पर फिजियोथेरेपी की एचओडी प्रो. शिवानी एम. कौल, डॉ. नंद किशोर शाह, डॉ. हरीश शर्मा, श्रीमती हिमानी, श्रीमती कंचन खोलिया, सुश्री प्रिया शर्मा, सुश्री प्रतिभा सिंह, सुश्री सिमरन सक्सेना आदि की उपस्थिति रही। संचालन सुश्री नीलम चौहान और श्रीमती समर्पिता सेनापति ने किया।

पुनर्वास विज्ञान विभाग मालदीव से डॉ. उज्मा सैयद ने फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में दक्षता और योग्यता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया, बेहतर उपचार के लिए पेशेवर दक्षता बेहद अनिवार्य है। मेडिसिन और स्वास्थ्य विज्ञान संकाय, मलेशिया से डॉ तरुण अमलनेकर ने पार्किंसंस रोग के वैश्विक प्रसार पर गंभीर आंकड़े प्रस्तुत करते हुए इसके प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। मेडेनहेड- इंग्लैंड के निदेशक डॉ. सोहराब शर्मा ने मैनुअल थेरेपी के आधुनिकीकरण पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया, मैनुअल थेरेपी केवल शारीरिक संरचना को ठीक नहीं करती है, बल्कि यह शरीर के पूरे सिस्टम को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। दूसरी ओर अतिथियों ने कम्युनिटी हेल्थ पर एक पुस्तक का विमोचन भी किया।

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