तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के अंतर्गत एप्लाइड साइंसेज विभाग की ओर से आयोजित छठी नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मैटेरियल्स एंड डिवाइसेज- एनसीएमडी-2026 के वेलिडिक्टरी सत्र में फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी रहे मुख्य अतिथि

लव इंडिया, मुरादाबाद। प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. केके चट्टोपाध्याय लिथियम-आयन बैटरियों एवम् सुपरकैपेसिटर्स पर विस्तार से चर्चा करते हुए बोले, सुपरकैपेसिटर्स हाइब्रिड कार इंडस्ट्री को एक नई दिशा दे रहे हैं, क्योंकि ये तेज चार्जिंग और उच्च पावर डेंसिटी प्रदान करते हैं।
सुपरकैपेसिटर्स हाइब्रिड कार ने इंडस्ट्री को दी नई दिशाः प्रो. केके चट्टोपाध्याय

साथ ही उन्होंने सुपरकैपेसिटर नैनोवायर्स के उभरते शोध एवम् उनके संभावित अनुप्रयोगों पर भी प्रकाश डाला। प्रो. चट्टोपाध्याय तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के अंतर्गत एप्लाइड साइंसेज विभाग की ओर से आयोजित छठी नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मैटेरियल्स एंड डिवाइसेज- एनसीएमडी-2026 के समापन में बतौर की नोट स्पीकर ऑनलाइन बोल रहे थे।
प्रो. धीरज कुमार ने बताए नैनो मैटेरियल्स और क्वांटम डाट्स के मूल सिद्धांत

एनसीएमडी-2026 के तकनीकी सत्रों में कुल 166 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। बेस्ट रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। दूसरी ओर वेलिडिक्टरी सत्र में फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। प्रो. द्विवेदी ने अंत में स्मृति चिन्ह और सर्टिफिकेट भी वितरित किए।
बेस्ट रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को किया जाएगा सम्मानित

दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रो. धीरज कुमार सिंह ने नैनो मैटेरियल्स के मूल सिद्धांतों और उनकी महत्ता के संग-संग क्वांटम डॉट्स के गुणों और उनकी विशिष्ट विशेषताओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने कार्बन डॉट्स के विभिन्न अनुप्रयोगों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार इनका उपयोग टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल आदि उद्योगों से निकलने वाले हानिकारक अपशिष्ट जल के उपचार में किया जा सकता है।
बेहतर और अधिक संवेदनशील गैस सेंसर भविष्य की मांगः डॉ. जेके राजपूत

डॉ. जेके राजपूत ने गैस सेंसर्स और उनके अनुप्रयोगों पर बोलते हुए वर्तमान गैस सेंसर्स की कार्यप्रणाली और उनकी सीमाओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने भविष्य में बेहतर और अधिक संवेदनशील सेंसर विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। एनसीएमडी-2026 के संयोजक डॉ. दिप्तोनिल बनर्जी ने वोट ऑफ थैंक्स दिया। इस मौके पर प्रो. आरके जैन, सह संयोजक डॉ. पराग अग्रवाल के संग-संग सैकड़ों स्टुडेंट्स मौजूद रहे।
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