मुरादाबाद में अवैध अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, बचपन हेल्थकेयर सील, कुंदरकी के डॉक्टर राजीव कुमार शर्मा का क्लीनिक भी सील

उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। जनपद में अवैध और मानक विहीन अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का विशेष अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। जिलाधिकारी अनुज सिंह के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर गठित टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर कई अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच की। कार्रवाई से झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया।स्वास्थ्य विभाग ने आशियाना फेज-1 स्थित बचपन हेल्थकेयर अस्पताल में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर उसे सील कर दिया, जबकि कुंदरकी क्षेत्र में डाक्टर राजीव कुमार शर्मा के क्लीनिक पर भी सख्त कार्रवाई की गई और इसे भी सील कर दिया गया। जबकि सेवा अस्पताल का रजिस्ट्रेशन अभी नहीं हो पाया है और इसके चलते वह बंद है।

स्वास्थ्य विभाग ने आशियाना फेज-1 स्थित बचपन हेल्थकेयर अस्पताल में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर उसे सील कर दिया, जबकि कुंदरकी क्षेत्र में सेवा अस्पताल पर भी सख्त कार्रवाई की गई।

बचपन हेल्थकेयर में बिना पंजीकरण संचालन, नवजात शिशु जिला अस्पताल भेजे

अभियान के तहत उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार बेलवाल और चिकित्सा अधिकारियों की टीम ने आशियाना फेज-1 स्थित बचपन हेल्थकेयर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि संस्थान में न तो कोई पंजीकृत चिकित्सक मौजूद था और न ही प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में एक नवजात शिशु भर्ती मिला, जिसे मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल एम्बुलेंस से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

जांच के दौरान अस्पताल में उपलब्ध दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की भी जांच की गई, लेकिन आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर विभाग ने अस्पताल में मौजूद चिकित्सा उपकरण और दवाएं जब्त कर संस्थान को सील कर दिया। जब्त उपकरणों में वार्मर, मॉनिटर और इन्फ्यूजन पंप जैसे उपकरण शामिल बताए गए हैं।

डाक्टर राजीव कुमार शर्मा का क्लीनिक सील, क्लीनिक भी बंद कराया

इसी क्रम में डा० राजीव कुमार शर्मा उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुरादाबाद एवं डा सौरभ बरतारिया चिकित्सा अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कुन्दरकी ने कुन्दरकी थाना क्षेत्र के गांव जलालपुर में लोक शिकायत के क्रम में डाक्टर कामिल के अस्पताल का निरीक्षण किया जो मौके पर बन्द पाया गया। वहां उपस्थिति ग्रामीणों ने भी पुष्टि की डाक्टर शाकिर का अस्पताल कई महीनों से बन्द है।

इसी कम में जांच दल द्वारा सेवा हॉस्पिटल का भी निरीक्षण किया गया जिसके भवन स्वामी ने बताया कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन अभी नहीं हुआ इसलिए सेवा हॉस्पिटल अभी संचालित नहीं किया जा रहा है। ग्राम बसेड़ा में डॉ. शहनवाज के क्लीनिक का निरीक्षण किया गया जो अवैध रूप से संचालित पाया गया जहाँ डाक्टर शाहनवाज उपस्थित नहीं थे। अस्पताल में उपस्थित सहायक द्वारा डा. शाहनवाज की चिकित्सकीय डिग्री मांगे जाने पर एवं अस्पताल का रजिस्ट्रेशन का मांगे जाने पर सहायक द्वारा कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। जिसके क्रम में डाक्टर राजीव कुमार शर्मा द्वारा क्लीनिक के समस्त उपकरण जब्त कर क्लीनिक को सील बंद कर दिया गया।

छापेमारी से अवैध क्लीनिक संचालकों में हड़कंप


स्वास्थ्य विभाग की लगातार कार्रवाई के बाद क्षेत्र में संचालित कई अवैध क्लीनिक संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण या बिना मानक पूरे किए स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करना पूरी तरह अवैध है और ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी — अभियान रहेगा जारी


मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जनपद में संचालित सभी निजी अस्पताल और क्लीनिक निर्धारित मानकों और पंजीकरण नियमों का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा औचक निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष रूप से बच्चों और मरीजों के स्वास्थ्य से किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अवैध चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा।

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